पंजाब मंडी बोर्ड ने शनिवार को गेहूं खरीद बंद करने की घोषणा की. राज्य सरकार इस सीजन में लगभग 37 लाख मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाई. पंजाब मंडी बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में शनिवार तक कुल 10181729.9 LMT गेहूं की आवक हुई, जिसमें से सरकारी एजेंसियों ने 9590489.4 मीट्रिक टन और प्राइवेट कंपनियों ने 59,1240.5 लाख मीट्रिक टन की खरीदी की. FCI ने 2021 के दौरान पंजाब से 129.12 LMT गेहूं की खरीद की थी. उपभोक्ता खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने इस साल पंजाब से 132 एलएमटी गेहूं का लक्ष्य रखा था.
चूंकि गेहूं की कटाई का मौसम खत्म हो गया है, राज्य सरकार ने राज्य भर की 825 मंडियों में गेहूं की खरीद 8 मई को शाम 5 बजे से बंद करने का निर्णय लिया है. पंजाब में कुल 1099 अनाज मंडियां हैं, जिनमें से 274 पहले ही बंद हो चुकी हैं. इस जानकारी को साझा करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री लालचंद कटारुचक ने बताया कि मंडी बोर्ड की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है.
मंत्री ने कहा कि रविवार से बंद होने वाली कुल 825 अनाज मंडियों में से 126 बठिंडा में, 80 मोगा में, 76 फाजिल्का में, 65 मनसा में, 62 फिरोजपुर में, 61 पटियाला में, 56 संगरूर में, 54 बरनाला में हैं. जबकि, लुधियाना पश्चिम में 41, फरीदकोट में 39, होशियारपुर और गुरदासपुर में 28-28, जालंधर में 21, श्री मुक्तसर साहिब में 19, फतेहगढ़ साहिब में 17, कपूरथला में 16, मलेरकोटला में 13 शामिल हैं.
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के बैंक खातों में सीधे एमएसपी भेजने का फैसला किया है. कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा ने गेहूं की आवक में गिरावट का प्रमुख कारण लंबे समय तक सूखे को बताया है. पंजाब सरकार ने अभी तक प्रभावित गेहूं किसानों को मुआवजे की घोषणा नहीं की है.