पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित आधिकारिक आवास पर जल्द ही अंडरबॉडी कार स्कैनर लगाया जाएगा. इसे अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) के नाम से भी जाना जाता है. उच्च स्तरीय सूत्रों के अनुसार सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस तकनीक को अपनाने का फैसला किया गया है, जल्द ही इसके लिए टेंडर जारी किए जाएंगे. इस अत्याधुनिक स्कैनर की कीमत 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक हो सकती है, जिससे सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा.
सुरक्षा के चलते लिया फैसला
मुख्यमंत्री आवास पर वाहनों की आवाजाही और बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल वाहनों की जांच मैन्युअल रूप से हैंड-हेल्ड अंडर व्हीकल सर्च मिरर से मैन्युअल की जाती है. बड़े सामान तो आसानी से पकड़े जा सकते हैं, लेकिन छोटे और खतरनाक वस्तुएं छूट सकती हैं, जिससे सुरक्षा में सेंध लगने की आशंका बनी रहती है. इसी समस्या से बचने के लिए अत्याधुनिक स्कैनर लगाने का निर्णय लिया गया है.
पुलिस आधुनिकीकरण फंड से आएगा बजट
हालांकि पंजाब सरकार वित्तीय संकट का सामना कर रही है, फिर भी इस स्कैनर के लिए पुलिस आधुनिकीकरण फंड से बजट आवंटित किया जाएगा. राज्य सरकार ने पिछले साल पुलिस बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए 426 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, जिसमें पुलिस थानों, पुलिस लाइनों और अन्य सुरक्षा सुविधाओं का नवीनीकरण शामिल है.
पंजाब सचिवालय में नहीं लगेगा स्कैनर
पहले पंजाब सचिवालय में भी इस तरह के स्कैनर को लगाने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण इसे टाल दिया गया है.
पूर्व डीजीपी ने फैसले का किया समर्थन
पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) शशिकांत ने आजतक से बातचीत में इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह एक अच्छा फैसला है. सभी महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों में आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए जा रहे हैं, यह अत्याधुनिक मशीनें संभावित सुरक्षा खतरों को टालने में मदद कर सकती हैं.
कई वीवीआईपी जगहों पर पहले से हैं स्कैनर
बता दें कि प्रधानमंत्री आवास और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर पहले से ही अंडर व्हीकल सर्विलांस सिस्टम (UVSS) लगाया गया है. अब पंजाब सरकार भी इसी तर्ज पर अपने सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की तैयारी में है.