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पीएम मोदी को CM अमरिंदर सिंह की चिट्ठी- कोरोना वैक्सीन में पंजाब को मिले प्राथमिकता

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि कोरोना वैक्सीन मुहैया कराये जाने के मामले में उनके राज्य को प्राथमिकता दी जाए. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि चूंकि पंजाब में कोरोना से मरने वालों की संख्या अधिक है लिहाजा कोविड वैक्सीन मुहैया कराये जाने में राज्य को प्राथमिकता दी जाए.

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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वैक्सीन आवंटन में प्राथमिकता दिए जाने की मांग
  • सीएम ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, रखी कई मांगें
  • फ्रंटलाइन वर्कर्स की परिभाषा साफ करने की मांग

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि कोरोना वैक्सीन मुहैया कराये जाने के मामले में उनके राज्य को प्राथमिकता दी जाए. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि चूंकि पंजाब में कोरोना से मरने वालों की संख्या अधिक है लिहाजा कोविड वैक्सीन मुहैया कराये जाने में राज्य को प्राथमिकता दी जाए.

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कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह भी कहा कि पंजाब ऐसा राज्य है, जहां उम्रदराज लोगों की आबादी अधिक है, जो कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हैं. पीएम मोदी को लिखे अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपेक्षाकृत कम केस लोड के बावजूद पंजाब में कोरोना के कारण उच्च मृत्यु दर है, लिहाजा पंजाब को वैक्सीन मुहैया कराये जाने में प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इन टीकों का सबसे अच्छा उपयोग अतिसंवेदनशील समूहों में किया जाना चाहिए जिनमें गंभीर बीमारी वाले लोग, बुजुर्ग आदि शामिल हैं.

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह भी स्पष्ट किये जाने की मांग की कि क्या कोविड-19 वैक्सीन के लिए पूरी फंडिंग भारत सरकार करेगी जिसमें वैक्सीन की आपूर्ति भी शामिल है. मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट करने को कहा जिनकी क्रमिक टीकाकरण चरणों के लिए प्राथमिकता वाले समूहों की पहचान की जानी है. उन्होंने प्राथमिकता वाले समूहों की सूची राज्य के खाते में छोड़ने की मांग की है.

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मुख्यमंत्री ने उन फ्रंटलाइन वर्कर्स की परिभाषा स्पष्ट करने को कहा जिन्हें पहले वैक्सीन दी जानी है. उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर्स की परिभाषा को विस्तार देने की मांग की. हालांकि, पंजाब में स्वास्थ्य कार्यकर्ता की परिभाषा अपेक्षाकृत सटीक है और राज्य सरकार ने इसके आधार पर डेटा संकलित किया है. लेकिन सीएम के मुताबिक फ्रंटलाइन वर्कर्स की परिभाषा में स्पष्टता की कमी है. उन्होंने कहा कि अब तक केवल सुरक्षा बलों (पुलिस, सशस्त्र बल) और नगर निगम, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को फ्रंटलाइन वर्कर्स में शामिल किया गया है.

 

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