कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में आज शनिवार से टीकाकरण अभियान का आगाज हो गया. पंजाब में भी इस अभियान के तहत पौने 2 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा. टीकाकरण के पहले दिन पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि राज्य की गरीब जनता के लिए मुफ्त में कोरोना वैक्सीन की व्यवस्था की जाए.
टीकाकरण के पहले चरण में 5 दिन में पंजाब के 1.74 लाख स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को टीका लगाया जाएगा. इसके तहत हर दिन 40 हजार लोगों को टीका लगाए जाने की व्यवस्था की गई है.
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोविशील्ड वैक्सीन की 2,04,500 डोज की रसीद स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी का पंजाब में राज्य और केंद्र सरकार के स्वास्थ्यकर्मियों (एचसीडब्ल्यू) को ये टीका प्राथमिकता पर उपलब्ध कराने के लिए धन्यवाद किया.
गरीबों के लिए टीका खरीदना असंभव
साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध किया कि महामारी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से गरीब जनता को मुफ्त में वैक्सीन दिए जाने पर विचार करें. आर्थिक गतिविधियों को ज्यादा खोले जाने की वजह से महामारी के फैलने की संभावना बढ़ जाती है ऐसे में महामारी के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए निचले तबके के लोगों को टीका लगाया जाना चाहिए.
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केंद्र सरकार के सूत्रों का हवाले से कहा जा रहा है कि स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स (एफएलडब्ल्यू) के अलावा, शेष आबादी को मुफ्त में टीका नहीं लगाया जा सकता, का उल्लेख करते हुए कैप्टन अमरिंदर ने अपने पत्र में कहा कि कोरोना महामारी की वजह से राज्य के लोग बेहद परेशान हैं. महामारी की वजह से आर्थिक गतिविधियां थम गई हैं और अर्थव्यवस्था भी अभी तक इस सदमे से उबर नहीं सकी है. ऐसे में टीकाकरण के लिए भुगतान करना समाज के गरीब वर्गों के लिए बेहद मुश्किल होगा.
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अपने पत्र में लिखा कि पंजाब के पास टीके के परिवहन के साथ-साथ भंडारण की पर्याप्त क्षमता है. टीकाकरण स्थलों की पर्याप्त संख्या की पहचान कर ली गई है.