अमृतसर में रावण दहन के दौरान हुए ट्रेन हादसे में 59 लोगों की मौत के बाद पंजाब सरकार जागी है. राज्य सरकार अब तीज-त्योहार संबंधी आयोजनों को लेकर दिशानिर्देश लाने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस संबंध में गृह सचिव एनएस काल्सी को आदेश दिए हैं और कहा है कि वो जल्द इस दिशा में जरूरी कदम उठाएं.
मुख्यमंत्री ने गृह सचिव से को निर्देश दिया है कि धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार किए जाएं ताकि अमृतसर जैसी त्रासदी की नौबत ही न आए. मुख्यमंत्री चाहते हैं कि दिशानिर्देशों में राज्य के किसी भी हिस्से में आयोजित होने वाले धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजनों को लेकर स्पष्ट तौर पर नियम-कायदों का उल्लेख होना चाहिए.
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दीवाली को देखते हए गृह सचिव से पटाखों की खरीद-बिक्री और उसके भंडारण के सिलसिले में भी परामर्श जारी करने को कहा है. अमृतसर की घटना के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि अब किसी भी किस्म की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने अमृतसर हादसे के बाद मजिस्ट्रेटी जांच कराने की घोषणा की है, साथ ही उन्होंने कहा कि दोषियों का पता लगाने वाली रिपोर्ट चार सप्ताह में तैयार हो जाएगी. जालंधर के संभागीय आयुक्त को जांच कराने का काम सौंपा गया है. हादसे में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा और सभी घायलों के मुफ्त इलाज का भी ऐलान किया गया है.
रावण दहन बना हादसे की वजह
असल में, शुक्रवार शाम धोबीघाट के निकट जोड़ा फाटक पर 700 लोगों की भीड़ रावण दहन देख रही थी, तभी शाम लगभग सात बजे जालंधर-अमृतसर डीजल मल्टीपल यूनिट (डीएमयू) पैसेंजर ट्रेन वहां से गुजरी. आतिशबाजी के कारण ज्यादातर लोग ट्रेन की आवाज नहीं सुन सके और मात्र 10 से 15 सेकेंड के अंदर वहां क्षत-विक्षत शव बिखरे पड़े थे और चीख पुकार मच गई थी.