पंजाब सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. इस फैसले के तहत गांवों और शहरों में आने वाले लाल लकीर के घरों को वहां रह रहे लोगों के नाम कर दिया जाएगा. 'मेरा घर मेरे नाम' स्कीम के तहत लाल लकीर में रह रहे पंजाब के लोगों को फायदा होगा. पंजाब के NRI की प्रॉपर्टी पर कब्जा रोकने और प्रॉपर्टी NRI के नाम ही रहे, इसे लेकर भी जल्द ही पंजाब सरकार एक्ट लाएगी.
दरअसल मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में पंजाब कैबिनेट की ओर से लाल लकीर के घरों को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए कहा गया कि नई स्कीम के तहत गांवों और शहरों में आने वाले लाल लकीर के घरों को वहां रह रहे लोगों के नाम किया जाएगा. मेरा घर मेरे नाम स्कीम के तहत लाल लकीर में रह रहे पंजाब के लोगों को फायदा होगा.
सीएओ ऑफिस से इस बारे में जानकारी देते हुए कहा गया, "पंजाब सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने 'मेरा घर मेरा नाम' स्कीम की घोषणा की है. इस स्कीम से 'लाल लकीर' के तहत गांवों और शहरों में रहे लोगों को अपने घर पर अधिकार मिलेगा. इस संबंध में जो भी प्रक्रिया है वो दो महीने में पूरी की जाएगी."
बता दें, अब तक के नियम के मुताबिक 'लाल लकीर' के अंदर रजिस्ट्री नहीं होती है. सीएम चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा लाए गए 'मेरा घर मेरे नाम' स्कीम लाने से अब इस जमीन की रजिस्ट्री हो सकेगी.
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पंजाब में भी कोयले की किल्लत
वहीं बिजली और कोयले की किल्लत को लेकर पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि पूरे देश की तरह पंजाब भी कोयले की किल्लत झेल रहा है और इसी वजह से बिजली उत्पादन पर असर पड़ रहा है. लेकिन मैं पंजाब के लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि हम ब्लैकआउट की स्थिति नहीं बनने देंगे.
उन्होंने कहा कि मैं लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में हैं और पूरी कोशिश की जा रही है कि बिजली उत्पादन किसी भी हाल में ना रुके और जो भी पावर कट पंजाब में लग रहे हैं वो जान-बूझकर नहीं लगाए जा रहे हैं और अभी प्रदेश के पास बिजली की कोई किल्लत नहीं है.