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शराब-बार इंडस्ट्री को बचाने को पंजाब सरकार ने उठाया बड़ा कदम

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंद होने जा रही अपनी होटल और बार इंडस्ट्री के साथ-साथ कई शराब की दुकानों को बचाने के लिए पंजाब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है

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पंजाब सरकार
पंजाब सरकार

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बंद होने जा रही  होटल और बार इंडस्ट्री के साथ-साथ  शराब की दुकानों को बचाने के लिए पंजाब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्टेट और नेशनल हाईवे के 500 मीटर के दायरे में आने वाले और बंद होने जा रहे बार, पब और रेस्ट्रोबॉर के साथ-साथ मैरिज पैलेसों को पंजाब सरकार ने बड़ी राहत दी है.

पंजाब सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर, राज्य के कई हाईवे को जो पंजाब के अलग-अलग शहरों के बीच से निकलते हैं. उन सभी हाईवे को स्टेट हाईवे के दायरे से बाहर कर दिया है. ऐसा करने से पंजाब के कई बार, रेस्ट्रोबॉर और शराब की दुकानों और उन मैरिज पैलेसों को राहत मिलेगी जहां पर शादी-ब्याह या दूसरे अयोजनों के दौरान शराब परोसी जाती है. यूपी, महाराष्ट्र और चंडीगढ़ के बाद स्टेट हाईवे को डी-नोटिफाई करने वाला पंजाब चौथा प्रदेश बन गया है.

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पंजाब सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक निम्नलिखित सड़कें स्टेट हाईवे के दायरे से बाहर रहेंगी और 2017-18 में तैयार होने वाले कई स्टेट हाइवेज को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है-


मोगा-कोटकपुरा, मोगा-हरीक (मोगा शहर),

गगन चौक से लिबर्टी चौक (राजपुरा सिटी),

जेसीएस सवेयर स्कूल भैरोंपुर सिरहिन्द चुन्नी रोड (सिरहिन्द शहर का हिस्सा),

मलिकपुर चौक से डलहौज़ी बाय-पास (पठानकोट शहर)

पंजाब सरकार ने उन स्टेट और नेशनल हाईवेज की लिस्ट भी जारी की है जिनको पहले से ही हाईवेज के दायरे से छूट दी जा रही है-


सांभू-लुधियाना-जालंधर-अमृतसर वाघा सीमा तक एनएच 1 (लुधियाना बायपास, जालंधर बायपास, अमृतसर बाईपास)

पठानकोट-अमृतसर-माखू-फरीदकोट-भटिंडा-मालाउट-अबोहर-गंगानगर राजस्थान सीमा तक एनएच -15 की लिंक सड़क (दीना नगर बाईपास, धारीवाल बाईपास, बटाला बाईपास, काथुनगल बाईपास, वर्का बायपास, अबोहर बाईपास)

जिराकपुर-पटियाला-संगरूर-बठिंडा एनएच-64 की लिंक सड़क (पटियाला बाईपास, धनौला बाईपास, संगरूर बायपास)

फागवारा-बंगा-नवनशहर-बालचौर-रोपार, एनएच-344 ए (फागवारा बायपास) खार-समरला-लुधियाना-फिरोजपुर एनएच-95 की लिंक सड़क (मोरिंडा बायपास)

2017-18 में तैयार होने वाले निम्न स्टेट हाइवेज को भी दायरे से बाहर रखा गया है-


पठानकोट-अमृतसर-माखू-फरीदकोट-भटिंडा-मालाउट-अबोहर-गंगानगर-राजस्थान सीमा तक एनएच -15 के लिंक सड़क (अमृतसर बाईपास, नशेरा बाईपास, हरीके बाईपास, जिरा बायपास, तलवंडी भाई बाईपास, मुडकी बाईपास, फरीदकोट और कोटकापुर बाईपास)

जिराकपुर-चंडीगढ़-रोपार-हिमाचल सीमा तक एनएच -21 की लिंक सड़क (कुरली बाईपास)

फागवारा-बंगा-नवनशहर-बालचौर-रोपार एनएच-344 ए (नवनशहर बायपास)

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खार-समरला-लुधियाना-फिरोजपुर रोड एनएच -95 का खंड (समराला बाईपास)

जालंधर-मोगा-बरनला-संगरूर-पेट्रान-कानौरी-नरवाना-रोहतक-हरियाणा के सीमावर्ती हिस्सों तक एनएच -71 की लिंक सड़क (नगादौर बाईपास, शाहकोट बायपास, धर्मकोट बायपास, जलालाबाद बाईपास, बरनाला बाईपास)

पंजाब सरकार ने ऐसा करके सालाना शराब इंडस्ट्री से आने वाले अरबों रुपए के अपने रेवेन्यू को बचाने की कोशिश की है. अगर इस डी-नोटिफिकेशन को किसी ने सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज नहीं किया तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पंजाब में कुछ खास असर नहीं पड़ेगा और तकरीबन पूरी शराब इंडस्ट्री बच जाएगी.

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