पंजाब की पंचायतों के सरपंच अपनी दबंगई के लिए बदनाम हैं. राज्य के गांवों में उनका रुतबा थानेदार से भी ज्यादा है. अब तक कई मामलों में गांव के सरपंचों की दादागिरी और दबंगई सामने आ चुकी हैं. ताजा मामला पंजाब के मोहाली की डेरा बस्सी इलाके का है जहां एक मौजूदा महिला सरपंच, उसके पति और एक पूर्व सरपंच सहित कुल छह लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है.
केस दर्ज होने के बाद आरोपी महिला सरपंच उषा देवी, उसका पति और पूर्व सरपंच सहित बाकी सभी आरोपी फरार हैं. ये मामला डेराबस्सी के शतबगढ़ गांव का है. मृतक के बेटे वीरेंद्र सिंह द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि गांव की दबंग सरपंच उनकी जमीन हथियाकर उसमें से रास्ता निकालना चाहती थीं जिसका उसके पिता श्याम सिंह ने विरोध किया था.
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पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि महिला सरपंच ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके पिता के खिलाफ एक झूठा मामला दर्ज करवाया और बाद में पंचायत बुलाकर पहले श्याम सिंह से माफी मंगवाई गई. बाद में, उसे पूरी पंचायत के सामने पूर्व सरपंच जयसिंह के पैरों में पगड़ी रखने पर मजबूर किया गया.
सरपंच ने कथित तौर पर अपने पैरों में रखी गई पगड़ी को जूते से ठोकर मार दी. इस घटना के बाद मृतक श्याम सिंह पूरी तरह से टूट गया और उसने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया. डेराबस्सी पुलिस को मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है. जिसमें मृतक ने लिखा है की पूरी पंचायत के सामने हुई बेइज्जती को सहन नहीं कर पा रहा है इसलिए वह आत्महत्या करने पर मजबूर है.
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डेराबस्सी पुलिस ने मृतक के बेटे वीरेंद्र सिंह द्वारा दी गई शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर गांव की मौजूदा सरपंच उषा देवी, उसके पति बलजीत सिंह और पूर्व सरपंच जय सिंह सहित, रणजीत सिंह, कुलदीप सिंह और जगपाल सिंह नाम के आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है. सभी आरोपी फिलहाल मोहाली पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस उनकी तलाश कर रही है.