Next Punjab CM: पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) के बीच कई सालों से चला आ रहा घमासान आखिरकार शनिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे (Captain Amarinder Singh Resign) के साथ ही खत्म होता हुआ दिखाई दे रहा है. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 78 विधायक पहुंचे, जिसमें से कई कैप्टन अमरिंदर सिंह के खेमे के भी थे. बैठक में पंजाब के नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लेने की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दी गई है. हालांकि, सूत्रों की मानें तो राज्य का अगला मुख्यमंत्री पंजाब कांग्रेस के चीफ नवजोत सिंह सिद्धू के कैंप का हो सकता है.
सुनील जाखड़ का नाम सबसे आगे
पंजाब का नया मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर सबकी नजरें टिक गई हैं. मुख्यमंत्री पद की रेस में कई नेताओं के नाम चल रहे हैं. हालांकि, इसमें सबसे आगे पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ का नाम सबसे आगे है. सुनील राज्य के नए सीएम बनाए जा सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि सुनील जाखड़ के नाम को तय करने से आगामी चुनाव में पार्टी को कई तरह के फायदे हो सकते हैं. उन्हें सीएम बनाकर पार्टी हिंदू वोटों और जाट सिख वोटों पर अपना निशाना साध सकती है.
..तो क्या सिद्धू बनेंगे राज्य के अगले सीएम?
बीजेपी की ओर से सांसद रह चुके नवजोत सिंह सिद्धू जब से कांग्रेस में आए, तबसे ही कैप्टन अमरिंदर सिंह से उनका आमना-सामना होता रहा. दोनों ने एक-दूसरे पर कई मुद्दों को लेकर हमला बोला. जहां कैप्टन सिद्धू को इमरान खान और बाजवा का दोस्त तक बता चुके हैं, तो वहीं सिद्धू लगातार बिजली समेत कई मुद्दों को लेकर कैप्टन पर हमलावर रहे हैं. अब जब कैप्टन ने इस्तीफा दे दिया है तो माना जा रहा है कि सिद्धू पर भी पार्टी दांव लगा सकती है. इसके पीछे सुनील जाखड़ का पंजाब विधानसभा में विधायक नहीं होना भी एक प्रमुख वजह मानी जा रही है.
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कुलजीत सिंह नागरा पर भी नजरें
कांग्रेस आलाकमान पंजाब में जिस नए चेहरे को कमान दे सकता है, उसमें पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के विधायक कुलजीत सिंह नागरा का नाम भी शामिल है. वह भी सीएम पद की रेस में बने हुए हैं. वह सिद्धू कैंप के नेताओं के रूप में जाने जाते हैं और जब अजय माकन और हरीश रावत चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंचे थे, तब वह भी दोनों को एयरपोर्ट तक लेने के लिए गए थे.
विधायक दल की बैठक में क्या-क्या हुआ?
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार शाम को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद उन्होंने दावा किया आखिरी समय तक विधायक दल की बैठक के बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी गई थी, जबकि उसके नेता वही थे. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से फोन पर बात करने के कुछ घंटों के बाद कैप्टन ने राजभावन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके बाद कांग्रेस की विधायक दल की बैठक में भी कैप्टन नहीं पहुंचे. हालांकि, उसमें दो प्रस्ताव पारित किए गए, जिसमें से एक में कैप्टन अमरिंदर के कामकाज की प्रशंसा की गई, जबकि दूसरा प्रस्ताव विधायक दल के नेता को चुने जाने को लेकर है. इसके तहत सोनिया गांधी को राज्य का अगला मुख्यमंत्री चुनने की जिम्मेदारी दी गई है.