पंजाब पुलिस का नशे के कारोबार से पुराना नाता है. अब तक 100 से अधिक पुलिस कर्मचारी नशीले पदार्थों की तस्करी और तस्करों की मदद करने के आरोप में सलाखों के पीछे जा चुके हैं. गिरफ्तार किए गए पुलिस कर्मचारियों में तीन डीएसपी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं.
इसके अलावा पंजाब पुलिस के कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर नशा तस्करी करने और बढ़ावा देने के मामले दर्ज हैं. पुलिस विभाग की इन काली भेड़ों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है.
इसी कड़ी में 6000 करोड़ रुपए के सिंथेटिक ड्रग्स मामले के साजिशकर्ता सजायाफ्ता जगदीश भोला, जो पंजाब पुलिस का ही एक पूर्व डीएसपी है. नशा तस्करी के आरोप में जगदीश भोला को साल 2012 में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था. उसके बाद साल 2013 में उसे नशीले पदार्थो के साथ गिरफ्तार दिया गया था. वह कोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद 24 साल की सजा भुगत रहा है.
दो पूर्व डीआईजी पर एफआईआर
वहीं फिरोजपुर पुलिस ने हाल ही 3 मई को पंजाब के दो पूर्व डीआईजी लखमिंदर सिंह जाखड़ और सुखदेव सिंह सग्गू के खिलाफ नशीले पदार्थों के मामलों पर पर्दा डालने के लिए FIR दर्ज की है. जिसमें इनको मुख्य आरोपी बनाया गया है. इन दोनों वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने अपराधियों से रिश्वत खाने के बाद 2005 से 2011 के बीच फिरोजपुर जेल के कैदियों से बरामद नशीले पदार्थों आदि के 241 मामले दबा दिए. उन पर पकड़े गए नशीले पदार्थ खुर्दबुर्द करने का आरोप भी है.
पुलिस अकादमी में खुलेआम नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त
नशीले पदार्थों का कारोबार जेल से होता हुआ अब पंजाब पुलिस अकादमी तक पहुंच गया है. पंजाब के फिल्लौर स्थित महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी में न केवल खुलेआम नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त चल रही है बल्कि कई पुलिस वाले खुद भी नशीले पदार्थों की गिरफ्त में हैं.
एक कॉन्स्टेबल की ही शिकायत पर पुलिस ने दो हफ्ता पहले हेड कांस्टेबल शक्ति कुमार और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी जय राम को गिरफ्तार किया था. इन दोनों पर पुलिस अकादमी में नशे का कारोबार करने का आरोप है. उधर पुलिस ने जब गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की तो पांच और पुलिस कर्मचारियों के नाम सामने आए. इसी अकादमी का हरमनप्रीत सिंह नाम का एक हेड कांस्टेबल नशे की ओवरडोज से रविवार को मौत के मुंह में चला गया.
गिरफ्त में महिला ड्रग पैडलर
फिल्लौर पुलिस ने अकादमी में नशीले पदार्थों पहुंचाने के आरोप में निधि नाम की एक ड्रग पेडलर को भी गिरफ्तार किया है. इसके अलावा एफआईआर में 5 पुलिस कर्मचारियों के नाम भी सामने आए हैं जिनमें से चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
हीरोइन जैसा नशा करने के आदी गिरफ्तार पुलिसकर्मी!
सूत्रों की मानें तो पंजाब पुलिस की अकादमी के कई प्रशिक्षु और यहां काम करने वाले कर्मचारी नशीले पदार्थों की गिरफ्त में हैं. गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में से भी सभी हीरोइन जैसा नशा करने के आदी हैं. नशे की ओवरडोज से जिस पुलिस हेड कांस्टेबल की मौत हुई है उसने नशा खरीदने के लिए न केवल अपने घर के वाहन गिरवी रख दिए बल्कि अपनी तनख्वाह भी वह नशे का सामान खरीदने पर खर्च कर रहा था. अकादमी के कई कर्मचारी नशीले पदार्थों को खरीदने के लिए बैंकों से कर्ज भी लेते रहे हैं. पंजाब पुलिस की अकादमी में नशे के कारोबार का खुलासा होने के बाद अब पुलिस प्रशासन हरकत में आया है और मामले की जांच की जा रही है.