पंजाब पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ 21 जिलों में 100 से ज्यादा केस दर्ज थे और वो बीते नौ साल से फरार चल रहा था. उसे उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि आरोपी नीरज थथाई उर्फ नीरज अरोड़ा पर आवासीय या कॉमर्शियल प्लॉट देने के बदले लोगों से पैसे वसूलने का आरोप था. वो बीते 8-9 साल से फरार चल रहा था, जिसके बाद उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था.
आईजीपी गुरशरण सिंह संधू ने बताया कि आरोपी के खिलाफ राज्य में लोगों को पैसे या प्लॉट देने का वादा करके कथित तौर पर धोखाधड़ी करने के लिए 21 जिलों में 108 एफआईआर दर्ज हैं. इनमें फाजिल्का में 47, फिरोजपुर में आठ, पटियाला-फतेहगढ़ साहिब में 6-6, रूपनगर-महरौली-एसएस नगर में 5-5 और फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और जालंधर में 4-4 केस दर्ज थे.
2016 में पहली बार गिरफ्तार हुआ था अरोड़ा
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि अरोड़ा को फरवरी, 2016 में फाजिल्का पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसके बाद उसे जमानत मिल गई. फरवरी, 2017 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था. उसके खिलाफ ईडी ने भी केस दर्ज किए हैं और उसकी संपत्तियों को कुर्क किया है, जबकि उसके खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में कई रिट याचिकाएं लंबित हैं.
आरोपी के पास 1200 एकड़ जमीन, 200 फ्लैट
पुलिस उप महानिरीक्षक (DIGP) रणजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर रहा था. उन्होंने कहा, "आरोपी के पास पंजाब और मध्य प्रदेश में 1,200 एकड़ से अधिक जमीन और 200 आवासीय फ्लैट हैं, जिनकी कीमत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है."
पौड़ी जिले से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस ने आरोपी अरोड़ा को पौडी जिले के श्री नगर गढ़वाल से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उसके कब्जे से एक लग्जरी कार, मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं.