पंजाब में काफी समय से वहां की युवा पीढ़ी नशे की लत में अलग-अलग प्रकार के उत्पादनों का इस्तेमाल करती आई है. कई बार उनके पास से नशीली दवाइयां भी बरामद की गई हैं जिसके जुर्म में वो जेल भी जा चुके हैं. पंजाब पुलिस भी इस मामले में कई तरह के हथकंडे आजमा चुकी है जिससे इन तस्करों का पता लगाया जाए और युवाओं को इससे सुरक्षित रखा जाए.
अब पंजाब पुलिस ने कहा है कि उन्होंने साल 2024 में 153 लोगों को नशीली दवाइयों की तस्करी करने के मामले में पकड़ा है. पुलिस महा निदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने इस बात का खुद खुलासा किया है.
पुलिस की नजर गांव और शहरी तस्करों पर
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस ने तस्करों पर लगाम कसने और दवाइयों की बिक्री के खिलाफ बड़े पैमाने पर कैंपेन चलाने के दोहरे दृष्टिकोण के साथ नशीली दवाइयों के खिलाफ अपने प्रयासों को तेज कर दिया है. उन्होंने कहा, 'साल 2024 में पुलिस ने 153 लोगों को नशीली दवाइयों की तस्करी करने के मामले में पकड़ा है. हर किसी के पास से तकरीबन 2 किलो हेरोइन बरामद किया गया है और करीब 208 करोड़ रुपए की जमीन भी जब्त की है.' उन्होंने बताया कि इस साल पुलिस ने करीब 790 किलो हेरोइन बरामद की.
खत्म करेंगे सभी नेटवर्क
डीजीपी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि पंजाब पुलिस जमीनी तौर पर जैसे गांव और शहरों में इन तस्करों पर नजर रख रही है जिसमें उन्होंने नारकोटिक ड्रग एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत 7,686 एफआईआर और 10,524 गिरफ्तारी इस साल की है. इस साल पुलिस ने कुल 790 किलो हेरोइन, 860 किलो अफीम और 36, 711 किलो पोस्ता भूसा जब्त किया है.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक फार्मास्युटिकल नशीली दवाओं के दुरुपयोग में शामिल नेटवर्क, खासकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात से जुड़े नेटवर्क, पंजाब में नशीली दवाओं के व्यापार को बढ़ावा देने वाली सभी कंपनियों को भी पूरी तरह से खत्म करने में पंजाब पुलिस काम कर रही है.