पंजाब के तरनतारन के सरहाली जिले में पिछले दिनों पुलिस स्टेशन को टारगेट कर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) से हमला किया गया था. इस अटैक की जिम्मेदारी खालिस्तानी समर्थक समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने ली थी. अब इस संगठन ने ऐलान किया है कि वह उन आरोपियों को कानूनी सहायता प्रदान करेंगे. साथ ही कहा पंजाब सरकार ने झूठे आरोप लगाकर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. लेकिन एसएफजे की ओर से उनकी मदद की जाएगी.
SFJ के जनरल काउंसिल गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि हमारा हथियार रॉकेट नहीं, बल्कि खालिस्तान की मांग के लिए जनमत संग्रह है. पन्नू ने कहा कि एक रॉकेट सिर्फ ईंट और सीमेंट से बने ढांचे को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि SFJ का मिशन जनमत संग्रह के माध्यम से खालिस्तान का निर्माण और इंडियन सिस्टम को खत्म करना है.
एसएफजे ने ये भी कहा है कि पंजाब सरकार का कोई भी अधिकारी पंजाब के मुख्यमंत्री की यूरोप, उत्तरी अमेरिका या ऑस्ट्रेलिया की आगामी यात्रा के बारे में जानकारी देगा, उसे एसएफजे की ओऱ से 100,00 डॉलर का इनाम दिया जाएगा.
बड़े स्तर पर की गई छापेमारी
दरअसल, RPG अटैक में सरहाली थाना परिसर में स्थित सांझ केंद्र की दीवारों और खिड़कियों का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, गनीमत रही कि किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ था. वहीं सरकार ने बताया कि रॉकेट हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है. इस अटैक के बाद बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई थी.
12 संदिग्ध हिरासत में लिए
लिहाजा 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था. इस हमले को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में खालिस्तान समर्थित आतंकवादियों द्वारा अंजाम दिए जाने का संदेह है. इस बीच सरहाली पुलिस स्टेशन के एसएचओ का रविवार को ट्रांसफर कर दिया गया था. इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है.
विपक्ष ने साधा निशाना
वहीं इस अटैक के बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की और कहा कि सूबे में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह से तबाह हो चुका है. इसमें प्रदेश सरकार का ढुलमुल रवैया साफ तौर पर दिखाई देता है.
अलग-अलग केसों में SFJ कर चुका है मदद का ऐलान
इससे पहले पंजाब के अमृतसर में शिवसेना नेता सुधीर सूरी की हत्या के मामले में अलगाववादी समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने आरोपी का बचाव करने की बात कही थी. संगठन ने आरोपी संदीप सिंह को कानूनी सहायता के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की थी.
इतना ही नहीं, पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के मर्डर के बाद आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और दिलप्रीत बाबा को सुरक्षा मुहैया कराने के साथ-साथ इनाम देने की भी बात कही थी. मूसेवाला की 29 मई को मानसा में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उसकी हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी.
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