कांग्रेस की ओर से लगातार कृषि कानून का विरोध किया जा रहा है. अब पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मिलकर केंद्र सरकार पर कृषि कानून को रद्द करने के लिए दबाव बनाने का वादा किया. उन्होंने कहा कि सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र में आक्रामक और प्रभावी तरीके से बहस होगी.
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार काले कानूनों का मुकाबला करने और पंजाब के किसानों की रक्षा करने के लिए सभी कदम उठाएगी. कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि वह पंजाब के पुनरुद्धार के लिए अपने शेष जीवन का हर एक दिन बिताएंगे. उन्होंने कहा, 'मेरे पास जो भी समय बचा है, मैं किसानों और राज्य के लोगों के हर वर्ग के लिए लड़ूंगा.'
वहीं विशेष सत्र बुलाने के मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि किसानों की आवाज संसद में गूंजी थी, लेकिन अब यह पंजाब विधानसभा में गूंजेगी. जब तक केंद्र सरकार को कृषि कानून वापस लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाता, तब तक देश के हर हिस्से में गूंज उठेगी. अगर ये कानून किसानों के हित में थे तो केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा में उन पर बहस की अनुमति क्यों नहीं दी.
इसके साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मिलकर स्मार्ट विलेज कैंपेन (SVC-II) के दूसरे चरण का शुभारंभ करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी पार्टी की सभी पंचायतों को, साथ ही किसानों को उनकी लड़ाई में उनकी मदद करने का आश्वासन दिया.
लाल लकीर मिशन
इसके अलावा कैप्टन अमरिंदर ने लंबे समय से गांवों में लाल डोरा भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना हक देने की अपनी सरकार की घोषणा की. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही इस उद्देश्य के लिए एक मिशन 'लाल लकीर' शुरू करेगी और निवासियों को ऐसे लोगों के स्वामित्व वाली आवासीय संपत्तियों के लिए प्रमाण पत्र दिए जाएंगे.