सिख धर्म की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त के प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कुछ दिनों पहले खालिस्तान की मांग की थी. इस मांग के बाद से ही विदेश में बैठे कई अन्य खालिस्तान समर्थक सक्रिय हो गए हैं. खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथी संगठन सिख फॉर जस्टिस के कुछ अन्य खालिस्तान समर्थक आतंकियों और संगठनों ने 4 जुलाई से रेफरेंडम 2020 का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू करने का ऐलान किया है. पंजाब में स्टेट और केंद्रीय एजेंसियां कैंपेन के ऐलान के मद्देनजर हाई अलर्ट पर हैं.
केंद्रीय एजेंसियां और पंजाब पुलिस, प्रदेश के सभी इलाकों में अपनी पैनी निगाह बनाए हुए हैं. वहीं सोशल मीडिया को लेकर एजेंसियां काफी सतर्क हैं और इससे जुड़े सभी संगठनों पर भी पैनी नजर रख रही हैं.
सिख फॉर जस्टिस संगठन ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में अरदास करने के बाद 4 जुलाई से रेफरेंडम 2020 के लिए ऑनलाइन वोटर रजिस्ट्रेशन शुरू करने का ऐलान किया था. इसी ऐलान को लेकर अमृतसर में पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसी सतर्क हैं.
स्वर्ण मंदिर के आसपास सादी वर्दी में पुलिस कर्मियों की तैनाती भी की गई है और हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
दरअसल पाकिस्तान, अमेरिका और कई दूसरे देशों में छिपकर बैठे खालिस्तानी आतंकी, पंजाब में आतंकवाद के जिन्न को फिर से जिंदा करने की कोशिश में जुटे हैं. खालिस्तानी आतंकी गुरपटवंत सिंह पन्नू पहले ही इंटरनेट पर रेफरेंडम 2020 चला रहा है.
हाल ही में गुरपटवंत सिंह पन्नू ने चीन के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर समर्थन मांगा था. इससे पहले पन्नू ने पाकिस्तान से भी समर्थन मांगा था. वहीं अकाल तख्त प्रमुख के बयान के बाद से खालिस्तान समर्थक ताकतों को और बढ़ावा मिल गया.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
आरएसएस को भी बताया था देश विरोधी संगठन
गौरतलब है कि ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को देश विरोधी संगठन बताया था. वे और अन्य कट्टरपंथी नेता शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व पर बीजेपी का साथ छोड़ने का दबाव बनाते रहे हैं. इन नेताओं का मानना है कि अकाली दल को सिर्फ सिख धर्म को केंद्रित कर राजनीति करनी चाहिए.