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Punjab: शिवसेना लीडर सुधीर सूरी का अंतिम संस्कार आज, बड़ी मुश्किल से माने समर्थक और परिवार

शिव सेना नेता सुधीर सूरी का आज भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार किया जाएगा. इसको लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है. इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुधीर सूरी के घर से लेकर दुर्गियाना मंदिर तक पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन और पुलिस के तमाम आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं.

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शिवसेना नेता सुधीर सूरी अंतिम संस्कार आज.
शिवसेना नेता सुधीर सूरी अंतिम संस्कार आज.

Punjab News: अमृतसर (Amritsar) में रविवार को शिवसेना नेता सुधीर सूरी (Sudhir suri) का आज भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार किया जाएगा. इसको लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है, इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुधीर सूरी के घर से लेकर दुर्गियाना मंदिर तक पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रशासन और पुलिस के तमाम आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं.

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सुधीर सूरी की अंतिम यात्रा के लिए पार्टी कार्यकर्ता और परिवार ने पहले तो मना कर दिया. इसके बाद पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने इन लोगों मनाया. विरोध करने वाले समर्थकों को पुलिस ने सुधीर सूरी के घर में ही कैद कर दिया.

सुधीर सूरी की अंतिम यात्रा.
सुधीर सूरी की अंतिम यात्रा.

 

बता दें कि शुक्रवार 4 नवंबर को शिवसेना नेता सुधीर सूरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सूरी दोपहर करीब 3:30 बजे गोपाल मंदिर के बाहर कूड़े में भगवानों की मूर्तियां मिलने के विरोध में धरने पर बैठे थे. तभी भीड़ का फायदा उठाते हुए उन्हें गोली मारी दी गई. पुलिस ने वारदात के कुछ देर बार ही हमलावर संदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था.

पीड़ित सुधीर सूरी का परिवार.
पीड़ित सुधीर सूरी का परिवार.

आरोपी की कार की तलाशी लेने पर उसमें खालिस्तानियों का पोस्टर लगा मिला है. इसके अलावा संदीप के इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उसके हालिया पोस्ट से पता चलता है कि वह कट्टरपंथी है. संदीप सिंह ने अपने अकाउंट से अमृतपाल सिंह के कई वीडियो पोस्ट किए और जिनमें खालिस्तान समर्थक नेता से मुलाकात का एक वीडियो भी शामिल है. संदीप अमृतसर का ही रहने वाला है. वह कपड़े का व्यापार करता है.

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खालिस्तनियों की हिट लिस्ट में थे सुधीर सूरी

सुधीर सूरी अपने भड़काऊ भाषणों को लेकर चर्चा में रहते थे. पंजाब पुलिस ने इन बार उनके खिलाफ केस दर्ज किया था. उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. वह 2016 से खालिस्तानियों की हिट लिस्ट में थे.

सुरक्षा में तैनात थे 8 पुलिसकर्मी

इंटेलिजेंस को शिवसेना नेता पर हमले की इनपुट पहले ही मिल गए थे. इसके अलावा पंजाब के कई गैंगस्टरों से धमकी मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें हाल में ही सुरक्षा दी थी. हमले के वक्त पंजाब के आठ पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, इनमें 2 एसएचओ और एक एसीपी मौके पर मौजूद थे. इसके बाद भी हमलावर ने पुलिस के सामने उन्हें गोली मार दी. ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं.

 

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