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सिरहाली अटैक: पंजाब में अब जिंदा आरपीजी लॉन्चर मिला, एक और हमले की योजना नाकाम

पंजाब के सिरहाली आरपीजी अटैक मामले में बुधवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली. उसने 27 दिसंबर को गिरफ्तार तीन आरोपियों की निशानदेही पर एक जिंदा आरपीजी लॉन्चर बरामद कर लिया है. माना जा रहा है कि इस मामले में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

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पंजाब के सिरहाली आरपीजी अटैक केस में बड़ी कामियाबी
पंजाब के सिरहाली आरपीजी अटैक केस में बड़ी कामियाबी

Sirhali RPG Attack Case: पंजाब के तरनतारन कस्बा के सिरहाली में आरपीजी अटैक मामले में पुलिस को बुधवार को बड़ी सफलता मिली है. उसने इस मामले में आरोपी की निशानदेही पर एक और जिंदा आरपीजी लॉन्चर बरामद कर लिया है. रॉकेट लॉन्चर को नष्ट करने के लिए पुलिस ने गांव कीड़िया के मंड क्षेत्र में दरिया के किनारे बम निरोधक दस्ते को बुलाया है. 

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मालूम हो कि इस मामले में आधा दर्जन से ज्यादा आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है. इन आरोपियों ने रिमांड में  पूछताछ के दौरान तीन लोगों के बारे में जानकारी दी थी, जिन्हें 27 दिसंबर को पकड़ा गया था. इन्हें में से एक ने आरपीजी लॉन्चर के होने की जानकारी दी, जिसके बाद उसे बरामद कर लिया गया.

गांव कीड़िया के मंड क्षेत्र में दरिया के किनारे डिफ्यूज किया जाएगा आरपीजी

कनाडा मॉड्यूल का पर्दफाश, यदविंदर पर केस दर्ज

आरपीजी अटैक केस में पुलिस ने मंगलवार को यदविंदर सिंह के सब मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया था. कनाडा स्थित आतंकवादी लखबीर सिंह लांडा के निर्देश पर पूरे नेटवर्क को यदविंदर फिलीपींस से ऑपरेट करता है. पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. 

गौरव यादव ने बताया कि पकड़े गए लोगों की पहचान कुलबीर सिंह, हीरा सिंह, और दविंदर सिंह के रूप में हुई है. ये तीनों तरन तारन में चंबल के रहने वाले हैं. पुलिस ने आरोपी यदविंदर सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज किया है.

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पहला आरपीजी डिफ्यूज करते वक्त हुआ था बड़ा धमाका (फाइल फोटो)

9 दिसंबर को थाने में हुआ था हमला

जानकारी के मुताबिक तरनतारन में पुलिस थाना सिरहाली पर 9 दिसंबर की रात करीब 11:18 बजे हुए आरपीजी से हमला हुआ था. इस मामले में इससे पहले दो किशोरों समेत सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी थी. डीजीपी ने कहा कि एक रेडी-टू-यूज आरपीजी को बरामद कर पुलिस ने एक आतंकवादी हमले को विफल कर दिया था.

यदविंदर ने भेजा था ट्यूटोरियल वीडियो

डीजीपी ने बताया कि कुलबीर सिंह और हीरा सिंह को गिरफ्तार करने के बाद जब उसने पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि  उन्होंने फिलीपींस के मनीला में रहने वाले यदविंदर सिंह के निर्देश पर सिरहाली पुलिस स्टेशन पर आरपीजी हमले के दिन एक लोडेड आरपीजी दिया गया था. उन्होंने कहा कि आरोपी यदविंदर ने पुलिस थाने में आरपीजी हमला करने के लिए किशोरों को एक ट्यूटोरियल वीडियो भी भेजा था.

एसएसपी ने खुलासा किया कि उसने एक अन्य आरोपी दविंदर सिंह के साथ एक और आरपीजी छुपा दिया है. आरोपी दविंदर सिंह ने खुलासा किया कि वे यदविंदर सिंह और लांडा के निर्देश पर पंजाब में एक और आतंकवादी हमले की साजिश रच रहे थे. फिलहाल पुलिस इस मामले में लगातार जांच कर कई और गिरफ्तारियां कर सकती है.

9 दिसंबर को थाने में हमले के बाद नहीं हुआ था विस्फोट (फाइल फोटो)

रूस के बने RPG का हुआ था इस्तेमाल

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आरपीजी हमले की जांच में पुलिस ने खुलासा किया था कि हमले में रूस के बने आरपीजी-22 का इस्तेमाल किया गया है. पंजाब पुलिस की काउन्टर इंटेलिजेंस ने केंद्रीय एजेंसी और ए.टी.एस. महाराष्ट्र के साथ साझे ऑपरेशन में रॉकेट प्रोपैल्ड ग्रेनेड हमले के मुख्य दोषी चड़त सिंह को 15 दिसंबर को मुम्बई से गिरफ़्तार किया था.

5 हमलावरों ने दिया वारदात को अंजाम 

तरनतारन के सिरहाली कलां पुलिस थाने पर हमले की साजिश रचने वाले बदमाशों की संख्या पांच बताई गई. सूत्रों के अनुसार, दो बाइक पर सवार थे और अन्य एसयूवी ब्रेजा में जा रहे थे. सूत्रों का कहना है कि हमलावर हरिके पाटन और सरहाली के बीच एक ढाबे पर रुके थे. सरहाली कलां पुलिस थाने के SHO प्रकाश सिंह को हटाकर सुखबीर सिंह को बनाया गया है.

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