त्योहार के चलते पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले से बिहार के सहरसा के लिए चलाई जा ही स्पेशल ट्रेन रद्द होने के कारण जिले के सरहिंद रेलवे स्टेशन पर जमकर हंगामा हो गया. सैकड़ों की संख्या में मौजूद यात्रियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा किया है. स्टेशन पर मौजूद अन्य ट्रेनों पर पत्थर बरसाए हैं. मौके पर मौजूद आरपीएफ भीड़ को खदेड़ने में लगी है. हंगामा करने वालों ने ट्रैक बाधित करने का प्रयास भी किया है. घटना का वीडियो भी सामने आया है.
दरअसल, पूरा मामला फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद रेलवे स्टेशन का है. दिवाली और छठ पर्व के चलते सरहिंद से सहरसा के बीच 04526 (स्पेशल ट्रेन) चलाई गई थी. मंगलवार को हजारों की संख्या में लोग सहरसा जाने के लिए स्टेशन पर पहुंचे थे. यात्रियों ने टिकट भी ले लिया था. फिर उन्हें मालूम चला कि सरहिंद से सहरसा जाने वाले ट्रेन को रद्द कर दिया गया है.
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ट्रेन पर किया गया पथराव
5इसके बाद यात्री गुस्सा गए. उन लोगों ने स्टेशन पर हंगामा करना शुरू कर दिया. भीड़ रेलवे ट्रैक पर उतर गई, जिससे कारण रेल यातायात बाधित हो गया. हंगामा मचने के बाद आरपीएफ टीम ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया. इसी दौरान दूसरे ट्रैक पर आई ट्रेन पर भीड़ ने पथराव किया. आरपीएफ भीड़ को ट्रैक से हटाने में लगी है.
ट्रेन के बुधवार आने की कह रहे रेलवे कर्मचारी
महिला यात्री पूजा ने बताया कि वह जालंधर से सरहिंद पहुंची थी. उसका कैसिंल की गई ट्रेन में थर्ड एसी में टिकट है. महिला ने बताया कि सुबह आने के बाद लगातार ट्रेन का टाइन बढ़ता चला गया. अब कहा जा रहा है कि ट्रेन बुधवार को दोपहर एक बजे चलेगी. रेलवे के अधिकारी ठीक से जवाब नहीं दे रहे हैं. हमारे साथ बच्चे हैं. अब रात भर हम लोग कहां जाएंगे. बहुत परेशानी हो रही है. यात्रियों ने बताया कि हमारे टिकट भी कैंसिल नहीं किए जा रहे हैं. हमारे परिवार के लोग इंतजार में बैठे हैं.
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ट्रेनों में ठस-ठस कर जाने को मजबूर यात्री
बिहार में छठ पर्व प्रमुखता से मनाया जाता है. ऐसे में बिहार जाने वाले यात्रियों की भरमार है. लखनऊ में भी बिहार जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी है. रेलवे विभाग द्वारा यात्रियों के लिए किए गए इंतजाम फेल नजर आ रहे हैं. लखनऊ रेलवे स्टेशन पर मंगलवार दोपहर हिमगिरि एक्सप्रेस में हालात ऐसे रहे कि लोगों को कोच में चढ़ने तक की जगह नहीं मिली. जनरल, स्लीपर और AC कोच सभी की हालत एक जैसी ही नजर आई. जिसका पहले से रिजर्वेशन था, ऐसे कई यात्री नजर आए जो ट्रेन में चढ़ ही नहीं सके. ठसा-ठस भरे कोचों को देखकर कई लोग वापस भी लौट गए.