पंजाब के अमृतसर में शिवसेना नेता सुधीर सूरी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के बाद तनाव की स्थिति है. पुलिस ने वारदात के कुछ देर बाद ही हमलावर संदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया है.अब इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है. सिंह ने पंजाब में 1980 के दशक के काले युग की वापसी के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह से आज राज्य में चीजें सामने आ रही थीं, वह उन दिनों (1980 के दशक) की याद दिलाती है और यह काफी चिंताजनक है.
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार की पूर्ण विफलता की भी निंदा की. उन्होंने कहा कि वह अधिक चिंतित हैं क्योंकि आप सरकार ने इस तरह की खतरनाक स्थिति से निपटने के लिए न तो कोई झुकाव दिखाया और न ही कोई क्षमता दिखाई. उन्होंने पंजाब में देश विरोधी ताकतों की बढ़ती गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा, "एक बार जब आप अपनी कमजोरी और कमियों को बता देते हैं, तो राष्ट्र विरोधी ताकतें इसका फायदा उठाने के लिए बाध्य होती हैं और पंजाब में ठीक यही हो रहा है."
'मुझे 1980 के दशक की याद आ रही है'
पूर्व मुख्यमंत्री ने किसी भी ढिलाई और निष्क्रियता के खिलाफ आप सरकार को आगाह करते हुए चेतावनी दी, "मुझे 1980 के दशक की याद आ रही है जब स्थिति बिगड़ने लगी और आतंकवाद की और बिगड़ने लगी और हमें इतनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी." उन्होंने कहा, "कोई कार्रवाई करने की क्या बात है, आप में से किसी ने भी शिवसेना नेता की नृशंस हत्या की निंदा तक नहीं की है." कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हैरानी जताते हुए कहा कि इतने सारे पुलिसवालों के बीच इतनी बड़ी सुरक्षा के बीच किसी की गोली मारकर हत्या कैसे की जा सकती है. "सरकार ने क्या कार्रवाई की है?" उन्होंने लोगों को इस तरह मारे जाने और जिम्मेदार लोगों को मुक्त होने देने की चेतावनी देते हुए पूछा.
सिंह ने कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह को खुलेआम हिंसा का प्रचार करने और अलगाव और अलगाववाद की भाषा बोलने देने पर भी आप सरकार की आलोचना की. उन्होंने आप सरकार से पूछा "आप उनके जैसे किसी को कैसे मुक्त होने दे सकते हैं जब वह खुले तौर पर देश की एकता और अखंडता के खिलाफ बोल रहा है और खुले तौर पर युवाओं को हथियार लेने के लिए बुला रहा है?"
'आप सरकार की ओर से आपराधिक लापरवाही'
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह आप सरकार की ओर से आपराधिक लापरवाही है क्योंकि यह अपराध की गंभीर घटनाओं से निपटने में बार-बार विफल रही है. उन्होंने बताया, गैंगस्टर भी खुलेआम भाग रहे हैं और वे अपनी मर्जी से अंतरराष्ट्रीय खेल सितारों और गायकों जैसे लोगों को मार रहे थे. उन्होंने इस बात की भी प्रबल आशंका व्यक्त की कि देश और राज्य के हितों की विरोधी ताकतें जल्द ही गैंगस्टरों और आतंकवादियों के बीच गठजोड़ बना सकती हैं. "मुझे यकीन नहीं है कि क्या वे पहले ही कर चुके हैं और अगर वे ऐसा करते हैं, तो इससे निपटने के लिए एक बहुत ही खतरनाक स्थिति होगी", उन्होंने सरकार को "बुराई को जड़ से खत्म करने" की सलाह देते हुए चेतावनी दी.
सुधीर सूरी को पहले ही मिली थी धमकी
बता दें कि इंटेलिजेंस के पास भी शिवसेना नेता पर हमले के इनपुट थे. पंजाब के कई गैंगस्टरों से धमकी मिलने के बाद मृतक को पंजाब पुलिस ने सुरक्षा प्रदान की थी. हमले के वक्त पंजाब के आठ पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया था. उन्हें पुलिस के सामने गोली मारी गई है. सुधीर सुरी शिव सेना हिंदुस्तान के प्रधान थे. गोपाल मंदिर मजीठा रोड पर स्थित है, जिसे अमृतसर की सबसे व्यस्त जगह मानी जाती है. जानकारी के मुताबिक हमलावर स्विफ्ट कार से आया था. हमला करने के बाद जब वह कार से भागने लगा तो लोगों ने उसकी कार पर पथराव किया था. कार पर 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह की तस्वीर लगी है.