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पंजाबः किसान ने अपने ही खेत में लगाई फांसी, गेहूं की फसल कम होने की वजह से था परेशान

Punjab Latest News: पंजाब में एक बार फिर किसान की आत्महत्या का मामला सामने आया है. किसान गेहूं की झाड़ कम निकलने की वजह से काफी परेशान था.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • खेत में ही एक पेड़ पर लटका मिला किसान का शव
  • मौसम अनुकूल न होने के कारण गेहूं की फसल खराब हुई है

पंजाब में किसानों की आत्महत्या (Punjab Farmer Suicide) थमने का नाम नहीं ले रही है. गेहूं की पैदावार कम होने के कारण कुछ वक्त पहले ही 2 दर्जन किसानों ने मौत को गले लगाया था. एक ऐसा की मामला प्रदेश के संगरूर जिले में सामने आया है, यहां गेहूं की झाड़ कम निकलने की वजह से एक किसान ने अपने ही खेत में पेड़ से लटकर खुदकुशी कर ली. 

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बताया जा रहा है कि संगरूर के लोंगोवाल गांव के रहने वाले किसान भोला सिंह जिनके पास महज 2 एकड़ जमीन थी और वह 14 एकड़ जमीन रेंट पर लेकर खेती करते थे. किसान इस बार गेहूं की पैदावार कम होने की वजह से परेशान थे. मंगलवार सुबह जब किसान भोला सिंह का भतीजा खेत से सब्जी लेने के लिए वहां पहुंचा, तो देखा कि एक छोटे से अमरूद के पेड़ के नीचे भोला सिंह खड़े हैं. हालांकि जब उसने नजदीक से जाकर देखा तो भोला सिंह ने पेड़ से फांसी का फंदा लगा रखा था. 

इसके बाद उन्होंने किसान द्वारा आत्महत्या की जानकारी पूरे परिवार को दी. किसान के भाई का कहना है कि भोला सिंह काफी समय से गेहूं को लेकर काफी परेशान था. किसान के भाई ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि अगर वह वाकई कुछ करना चाहती है तो उनकी मदद करें, क्योंकि गेंहू की खेती में इस बार उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ा है.

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10 साल में पहली बार कम हुई गेहूं की पैदावार
वहीं, किसान द्वारा मौत को गले लगाए जाने पर किसान नेता भूपेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार पंजाब हरियाणा में मौसम में हुए अचानक बदलाव के चलते गेहूं की पैदावार बेहद कम हुई है. उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब गेहूं की बुआई का सीजन था, तब लगातार बारिश हुई. अब जब गेहूं के पकने का सीजन आया है तो समय से मौसम इतना गर्म हो गया है कि दाने अच्छे से बन नहीं पाए हैं.

रिपोर्टः विक्की भुल्लार

 

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