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संधू बोले-AAP का नाम 'पटियाला पैग पार्टी' कर दो, भगवंत मान ने किया बाहर

उपकार सिंह संधू ने भगवंत मान को पंजाब का कन्वीनर बनाए जाने के बाद कहा था कि अब आम आदमी पार्टी का नाम बदलकर (पीपीपी) यानि "पटियाला पैग पार्टी" रख देना चाहिए.

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AAP के पंजाब प्रधान भगवंत मान
AAP के पंजाब प्रधान भगवंत मान

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लोकसभा सांसद भगवंत मान के पंजाब प्रधान बनने के बाद आम आदमी पार्टी के तीन नेता पार्टी से अलग हो गए हैं. इनमें से दो ने इस्तीफा दिया है, जबकि एक को पार्टी से बाहर कर दिया गया है. इस्तीफा देने वालों में पंजाब के पूर्व स्टेट कन्वीनर गुरप्रीत सिंह घुग्गी और पार्टी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और पूर्व हॉकी खिलाड़ी जगदीप सिंह गिल हैं, जबकि उपकार संधू को पार्टी से बाहर कर दिया गया है.

बता दें कि अमृतसर से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले नेता उपकार संधु ने शराब पीने की लत को लेकर भगवंत मान की आलोचना की थी.

भगवंत मान ने बुधवार को एक बयान जारी करके पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण उपकार सिंह संधू को पार्टी से निष्कासित कर दिया. मान ने कहा कि वॉलंटियर आम आदमी पार्टी की ताकत हैं, लेकिन अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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'AAP का नाम बदल पटियाला पैग पार्टी कर दो'
दरअसल, उपकार सिंह संधू ने भगवंत मान को पंजाब का कन्वीनर बनाए जाने के बाद कहा था कि अब आम आदमी पार्टी का नाम बदलकर (पीपीपी) यानि "पटियाला पैग पार्टी" रख देना चाहिए.

दूसरी ओर घुग्गी ने कहा, 'मेरा भगवंत मान या किसी अन्य व्यक्ति विशेष से कोई विरोध नहीं है. भगवंत मान के साथ मैं काफी काम कर चुका हूं और नाराजगी भगवंत मान के प्रधान बनाए जाने को लेकर नहीं है.'

'गलत काम कर रहे थे दिल्ली से आए पर्यवेक्षक'
उन्होंने कहा, 'मैं विधानसभा चुनाव के दौरान स्टार प्रचारक के तौर पर काम करना चाहता था, लेकिन मुझे कन्वीनर बना दिया गया. इसकी वजह से मैं पार्टी के प्रचार की बजाय अन्य कामों में व्यस्त हो गया. मैं संजय सिंह और अन्य दिल्ली के नेताओं से गुजारिश करता रहा कि सुच्चा सिंह छोटेपुर को हमें मना लेना चाहिए। मैं लगातार पार्टी के नेताओं को स्टेट कन्वीनर का पद लेने से इंकार कर रहा था, लेकिन अरविंद केजरीवाल को मैं मना नहीं कर पाया.'

मान से कोई दुश्मनी नहींः घुग्गी
घुग्गी ने कहा कि मेरा विरोध भगवंत मान या किसी व्यक्ति को लेकर नहीं है, लेकिन जिस तरह से भगवंत मान को प्रधान बनाया दिया गया. मेरा विरोध इसको लेकर है.

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पंजाब के पूर्व कन्वीनर ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिल्ली के आए पर्यवेक्षकों के काम पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, 'मैं लगातार इस बात पर जोर देता रहा कि दिल्ली से आए ऑब्जर्वर गलत काम कर रहे हैं. पंजाब के नेता खुद ही सारा काम संभाल सकते हैं. और मेरा आवाज उठाना ही मुझे पद से हटाने की बड़ी वजह बनी.'

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