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नौदीप कौर की गिरफ्तारी के पीछे का सच, किसान आंदोलन नहीं कुछ और ही है...

दलित श्रम अधिकार एक्टिविस्ट और मजूदर अधिकारी संगठन की सदस्य नौदीप कौर को लेकर चर्चायें तेज हैं. ऐसे में जानना ये जरूरी है, कि नौदीप कौर की गिरफ्तारी की वजह क्या है. साफ शब्दों में कहा जाये, तो उनकी गिरफ्तारी का किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है. 

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(सांकेतिक तस्वीर)
(सांकेतिक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 8 फरवरी को जमानत याचिका पर सुनवाई
  • 12 जनवरी को नौदीप कौर की हुई थी गिरफ्तारी 

दलित श्रम अधिकार एक्टिविस्ट और मजदूर अधिकारी संगठन की सदस्य नौदीप कौर की गिरफ्तारी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, लेकिन उनकी गिरफ्तारी का किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है. नौदीप कौर  को जबरन वसूली, दस्तावेज छीनने व पुलिस पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. 

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पंजाब के मुक्तसर साहिब के तहत गांव ग्यानंदर की रहने वाली नौदीप कौर  के पिता का नाम सुखदीप सिंह है. नौदीप कौर को 12 जनवरी 2021 को आईपीसी की धारा 148, 149, 323, 452, 384 और 506 के तहत गिरफ्तार किया गया था. नौदीप कौर  पर कुंडली पुलिस स्टेशन में इन धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. ये एफआईआर पीड़ित ललित खुराना की शिकायत के बाद दर्ज की गई थी, जो एक प्राइवेट कंपनी में एकाउंटेंट हैं. 

पुलिस को दी गई तहरीर में लिखा गया था कि नौदीप कौर  के साथ दो अन्य महिलाओं सहित 50 लोगों ने कंपनी कार्यालय पर धावा बोलते हुए अवैध रूप से पैसे की मांग की. जब पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी ने हंगामा कर दिया. पुलिस के पास जब फोन किया, तो आरोपियों ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर मारपीट  शुरू कर दी. इस दौरान पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो पुलिस के साथ भी झड़प हुई. पुलिस के जवान से उसकी बंदूक और दस्तावेज छीनने का प्रयास किया गया. विरोध करने पर पुलिस पर भी हमला कर दिया गया, जिसमें इंस्पेक्टर रवि कुमार और दो कांस्टेबल घायल हो गये.  इस मामले में नौदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अन्य छह आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये प्रयास कर रही है. 

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वहीं लगभग 25 दिन से जेल में बंद नौदीप कौर  की जमानत याचिका दो बार खारिज कर दी गई है. जमानत के लिये अगली सुनवाई 8 फरवरी को होगी. इस बीच नौदीप कौर  की छोटी बहन राजवीर कौर ने इन आरोपों का खंडन किया है. राजवीर कौर का दावा है कि उनकी बहन को झूठे आरोपों में फंसाया गया है. उन्होंने कहा कि 'मेरी बहन मजदूर और दलित अधिकार कार्यकर्ता है. वो फैक्टरी में कुछ मजदूरों की मजदूरी दिलाने के लिये गई थीं, लेकिन कारखाना मालिक ने उन पर गोली चलवा दी, इसकी शिकायत करने का प्रयास किया गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई.'  वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस ने एक ट्वीट में दावा किया  कि पुलिस हिरासत में नौदीप कौर  को यातनाएं और यौन उत्पीड़न किया गया. उन्होंने यह भी दावा किया है कि उन्हें 20 दिनों के लिए जमानत के बिना हिरासत में लिया गया.

ये बोले पुलिस अधिकारी 

एसपी सोनीपत रणदीप सिंह रंधावा ने इन आरोपों से इंकार किया है. उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब नौदीप कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. इससे पहले भी उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं. नौदीप कौर  पर लगाये गये कोई भी आरोप झूठे नहीं हैं. क्योंकि फैक्टरी परिसर से मिले सीसीटीवी फुटेज में नौदीप कौर मारपीट करते हुए देखी गई हैं. 

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