लॉकडाउन के दौरान चौराहों पर सख्ती बरती जा रही है. ऐसे में मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रही महिला कांस्टेबल ने साइकिल पर घूमते एक शख्स को रोक लिया. वह उससे पूछताछ करने लगी. कुछ देर बाद उसे पता चला कि साइकिल सवार कलेक्टर हैं, तो महिला कांस्टेबल के पसीने छूट गए. हालांकि कलेक्टर ने महिला कांस्टेबल द्वारा मुस्तैदी से ड्यूटी किए जाने पर सराहना की.
कोरोना लॉकडाउन के दौरान सख्ती बरती जा रही है. बेवजह घूमने वालों पर कार्रवाई हो रही है. ऐसे में भीलवाड़ा में चौराहे पर तैनात महिला पुलिसकर्मी निर्मला जिस तरह अपनी ड्यूटी कर रही थी, उसके लिए कलेक्टर ने उनकी सराहना की. दरअसल हुआ कूछ यूं कि शहर में लॉकडाउन की तस्वीर देखने के लिए कलेक्टर शिव प्रसाद एम नकाते साइकिल पर सवार होकर घर से निकले.
साइकिल पर निरीक्षण करने का उनका उद्देश्य महज ये था, कि ये पता लगाया जा सके कि लॉकडाउन का पालन कराने में पुलिसकर्मियों द्वारा किस प्रकर ड्यूटी की जा रही है. वहीं शहर में तैनात पुलिसकर्मियों को भी ये मालूम था, कि कलेक्टर निरीक्षण करेंगे, लेकिन ये किसी को नहीं जानकारी थी, कि कलेक्टर टीशर्ट में साइकिल पर सवार होकर निकलेंगे.
जब कलेक्टर साहब टी शर्ट में साइकिल पर गुलमंड़ी से जा रहे थे, तो महिला सिपाही ने रोका और पूछा कहां जा रहे हो. पीछे खड़े सिपाही ने कहा कि मैडम, इधर-उधर मत घूमो. कलेक्टर साहब राउंड पर हैं. ड्यूटी करो. फिर सिपाही की नजर कलेक्टर पर पड़ी तो उसने धीरे से कहा कि मैडम किसे रोक रही हो? ये साहब हैं. इतने में ही कलेक्टर ने कहा, "मैं हूं डीएम". यह सुन महिला सिपाही थोड़ी सकपका गई. इतने में ही कलेक्टर बोले- "वैरी गुड. ऐसे ही ड्यूटी करो."