scorecardresearch
 

वतन वापसी के लिए अलवर जेल में भूख हड़ताल पर बैठे 7 विदेशी कैदियों की तबीयत बिगड़ी

राजस्थान के अलवर जेल में भूख हड़ताल पर बैठे पांच पाकिस्तानियों सहित सात विदेशी नागरिकों को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ये कैदी वतन वापसी की मांग को लेकर 2 जनवरी से ही भूख हड़ताल पर बैठे थे.

Advertisement
X
राजस्थान के अलवर जेल में इस वक्त करीब 17 विदेशी नागरिक बंद हैं
राजस्थान के अलवर जेल में इस वक्त करीब 17 विदेशी नागरिक बंद हैं

राजस्थान के अलवर जेल में भूख हड़ताल पर बैठे पांच पाकिस्तानियों सहित सात विदेशी नागरिकों को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ये कैदी वतन वापसी की मांग को लेकर 2 जनवरी से ही भूख हड़ताल पर बैठे थे.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस ट्रांजिट जेल में 17 विदेशी नागरिक बंद हैं, जिनमें से पांच पाकिस्तानी, एक श्रीलंकाई और एक म्यांमार निवासी भूख हड़ताल पर बैठे थे. इस दौरान उनकी तबियत बिगड़ी गई, जिसके बाद इनमें से छह को अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जबकि एक की तबियत ज्यादा बिगड़ने की वजह से उसे जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल रैफर किया गया है.

भूख हड़ताल पर बैठे इन कैदियों में पाकिस्तान के ऋषि महेंद्र उर्फ मन्नू, रमजान, मोहम्मद साजिद, जाहिद अली, जमील अहमद के अलावा म्यांमार के नागरिक फयाज अहमद और श्रीलंकाई नागरिक रॉकी डिसूजा शामिल हैं.

Advertisement
पाकिस्तानी नागरिक ऋषि का आरोप है कि वह 2005 से पुलिस की हिरासत में है, लेकिन उसके मामले की अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई. इस वजह से उसकी वतन वापसी नहीं हो पा रही है, इसलिए वह भूख हड़ताल पर है. ऋषि ने सरकार से उसकी सुनवाई करने के साथ उन्हें रिहा कर पाकिस्तान वापस भेजने की मांग की है.

 

वहीं कोतवाली थानाधिकारी राम सिंह का कहना है कि ऋषि को वर्ष 2005 में जोधपुर में जासूसी के आरोप में पकड़ा गया था. इसे लेकर भारत सरकार ने पूर्व में पाकिस्तान सरकार को चिट्ठी भी लिखी थी. मगर, पाक सरकार ने इस बाबत कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया.

अलवर के अतिरिक्त जिला अधिकारी मोहनदान रत्नु का कहना है कि जिला प्रसासन के अधिकारी लगातार इन्हें समझाने में लगे हैं. लेकिन विदेशी नागरिक अपने देश के दूतावास या विदेश मंत्रालय से बात करने पर अड़े हैं.

Advertisement
Advertisement