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राजस्थान चुनाव की तैयारी में जुटी AAP, प्लानिंग में महिला, युवा और किसान

आम आदमी पार्टी राजस्थान में चुनाव लड़ने के लिए अहम मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है. AAP सूत्रों की मानें तो पार्टी राजस्थान विधानसभा चुनाव में शराबबंदी को सबसे बड़ा मुद्दा बनाएगी और इसी मुद्दे पर अगले साल जनवरी से आक्रामक रूप से आंदोलन शुरू करेगी.

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 राजस्थान चुनाव लड़ेगी आम आदमी पार्टी
राजस्थान चुनाव लड़ेगी आम आदमी पार्टी

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आम आदमी पार्टी अगले साल होने वाले मध्य प्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुट चुकी है. मध्य प्रदेश में इस साल नवंबर में आयोजित एक महारैली में जहां पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर सकते हैं, वहीं मध्य प्रदेश के साथ राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए भी पार्टी ने कमर कस ली है.

महिलाओं के वोट पर AAP की नजर

आम आदमी पार्टी राजस्थान में चुनाव लड़ने के लिए अहम मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है. AAP सूत्रों की मानें तो पार्टी राजस्थान विधानसभा चुनाव में शराबबंदी को सबसे बड़ा मुद्दा बनाएगी और इसी मुद्दे पर अगले साल जनवरी से आक्रामक रूप से आंदोलन शुरू करेगी. पार्टी सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में आगामी जनवरी से आम आदमी पार्टी और उसके कार्यकर्ता हर गांव, हर शहर में शराबबंदी की मांग करते हुए मौजूदा वसुंधरा सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे. राजस्थान में महिलाओं के एक बड़े वोट बैंक पर नजर रख रही आम आदमी पार्टी शराबबंदी जैसे मुद्दे पर हाथ डालकर सीधे-सीधे महिलाओं का वोट बटोरना चाहती है.

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शराबबंदी के साथ चार AAP की चार मांग

हालांकि पार्टी इस बात को भी मान रही है कि शराबबंदी का मुद्दा उठाने पर उनसे यह सवाल पूछा जा सकता है कि आखिर दिल्ली में जहां आदमी पार्टी की सरकार है वहां शराबबंदी क्यों लागू नहीं है और इसी चुनौतीपूर्ण सवाल से लड़ने के लिए आम आदमी पार्टी ने शराबबंदी के साथ चार मांगें तैयार की हैं. पार्टी सूत्रों का कहना है कि आंदोलन के दौरान पार्टी वसुंधरा सरकार से मांग करेगी कि हर उस गांव में शराब का ठेका तभी खुला रह सकता है, अगर उस गांव में दिल्ली सरकार की तर्ज पर विश्वस्तरीय स्कूल, आधुनिक मोहल्ला क्लीनिक, सस्ती दरों पर बिजली और पीने के लिए मुफ्त पानी की व्यवस्था हो. इन चार शर्तों पर खरे उतरने वाले गांव में ग्रामसभा की मंजूरी के बाद ही शराब के ठेके चल सकेंगे.

राजस्थान में आंदोलन शुरू करेगी AAP

शराबबंदी के इस अनोखे नुस्खे को लेकर आम आदमी पार्टी जनवरी से पूरे राजस्थान में आंदोलन शुरू करेगी. इसके लिए पार्टी अपने संगठन में तमाम समाजसेवी संस्थाओं और समाज सेवा करने वाले लोगों को अपने संगठन में जोड़ने की कोशिश करेगी. सूत्रों ने यहां तक दावा किया है कि जरूरत पड़ी तो जनवरी से शुरू होने वाले आंदोलन में कई गांवों और शहरों में शराब के ठेके और दुकानें तोड़ीं भी जा सकती हैं.

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प्रदेश का दौरा करेंगे कुमार विश्वास

कुल मिलाकर पार्टी की राजस्थान इकाई अब आक्रामक तौर पर पार्टी के विस्तार और प्रचार की तैयारी कर रही है. राजस्थान में आम आदमी पार्टी के प्रभारी मशहूर कवि कुमार विश्वास 1 अक्टूबर से हर हफ्ते प्रदेश का दौरा करेंगे. इतना ही नहीं आगामी जनवरी से विश्वास 35 - 35 दिन का समय राजस्थान में देंगे, जहां पर वह सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में छोटी-छोटी रैलियां और नुक्कड़ सभाएं करके चुनाव का बिगुल बजाएंगे.

युवाओं को पार्टी से जोड़ने की कोशिश

पार्टी सूत्रों के मुताबिक जल्द ही राजस्थान के हर जिले में दिल्ली सरकार के मंत्री और विधायकों की रैलियां शुरू की जाएंगी. दिल्ली के पांच विधायक जो मूलतः राजस्थान के हैं, उनका भी राजस्थान में खूब इस्तेमाल किया जाएगा. हाल ही में राजस्थान के कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई CYSS ने जीत हासिल की है और इसी जीत को लेकर पार्टी युवाओं को अपने साथ जोड़ने की पूरी कोशिश करेगी.

अक्टूबर में अजमेर में किसानों की एक रैली

महिलाओं और युवाओं के साथ AAP राजस्थान में किसानों के वोट बैंक को भी नहीं छोड़ना चाहती और अक्टूबर में अजमेर में किसानों की एक रैली के जरिए उन्हें अपने मुद्दों के साथ रखने की तैयारी कर रही है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी दिसंबर महीने में 1 लाख किसानों की बड़ी रैली राजस्थान में करने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी बुलाया जा सकता है. राजस्थान विधानसभा चुनाव दिसंबर 2018 में होने वाले हैं, ऐसे में आम आदमी पार्टी पर्याप्त समय के भीतर राजस्थान की सभी 200 विधानसभाओं में बूथ स्तर तक अपना संगठन मजबूत करते हुए मुद्दों के साथ उतरने की तैयारी कर रही है. पार्टी सूत्रों का दावा है कि किसान आंदोलन से जुड़े कई नेता और पूर्व कांग्रेस नेता भी पार्टी से संपर्क बनाए हुए हैं, जो सही समय आने पर आम आदमी पार्टी का दामन थाम सकते हैं.

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