रेप के मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की तबीयत फिर बिगड़ गई है. उसे जोधपुर एम्स में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि मंगलवार रात से ही उसे बेचैनी हो रही थी और सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद तुरंत अस्पताल ले जाया गया.
बताया जा रहा है कि आसाम को पोस्ट कोविड से जुड़ी परेशानी हुई है, जिसके चलते उन्हें एम्स ले जाया गया, जहां इमरजेंसी में मेडिकल जांच होने के बाद उसे कोरोना वार्ड 5बी के पोस्ट कोविड-19 वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है.
जेल सूत्रों के अनुसार आसाराम को मंगलवार देर रात बेचैनी हो रही थी. ऑक्सीजन लेवल भी कम हो गया था. उसे हल्की ऑक्सीजन पर रखा गया लेकिन सुबह ज्यादा परेशानी हुई तो ऑक्सीजन लेवल बढ़ाया गया. जेल के डॉक्टरों ने उसे एम्स शिफ्ट करने की सलाह दी, लेकिन आसाराम राजी नहीं हुआ. हालांकि, बाद में जाने की रजामंदी दे दी. फिर पुलिस एस्कॉर्ट के साथ एम्स हॉस्पिटल में भर्ती किया गया. आसाराम की कोविड रिपोर्ट पिछले महीने पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उसे जोधपुर एम्स में ही भर्ती किया गया था.
आसाराम की तबीयत काफी वक्त से खराब चल रही है. उसने सुप्रीम कोर्ट से इलाज के लिए जमानत देने की मांग की है. इससे पहले आसाराम की सारी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं. उसने अब एक नई याचिका दाखिल कर आयुर्वेद सेंटर पर इलाज के लिए जमानत देने की मांग की है. इस मामले में 18 जून को सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई होनी है.
एक अदालत ने आसाराम को 2013 में अपने आश्रम की लड़की से बलात्कार का दोषी पाया था. लड़की नाबालिग थी. लड़की का आरोप था कि आसाराम ने उसे जोधपुर के पास मणाई इलाके में अपने आश्रम में बुलाया था और 15 अगस्त 2013 की रात उसके साथ बलात्कार किया. 2013 से ही जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है. उसे 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. आसाराम ने कई बार जमानत के लिए याचिकाएं दाखिल की हैं, लेकिन हर बार उसकी कोशिशें नाकाम हो गईं.