अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने राज्य में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल करने वालों पर आर्थिक जुर्माना लगाने का फैसला किया है. राज्य सरकार ने फैसला किया है कि किसी भी तरह की आतिशबाजी (पटाखा) बेचने वाले किसी भी दुकानदार को 10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया जाएगा. गहलोत सरकार ने यह भी फैसला किया है कि जो भी व्यक्ति किसी भी तरह की पटाखे का इस्तेमाल करता है या उन्हें जलाने की अनुमति देता है, उसे 2000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया जाएगा.
कोरोना संक्रमित रोगियों और जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक उपाय के रूप में राज्य में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले के बाद मंगलवार (3 नवंबर) को आर्थिक जुर्माने के बारे में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है.
इस फैसले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, "राज्य सरकार ने आतिशबाजी के कारण निकलने वाले जहरीले धुएं से कोरोना संक्रमित रोगियों और जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पटाखों की बिक्री और उन्हें जलाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है."
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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आगे कहा, "इस चुनौतीपूर्ण कोरोना महामारी के समय में, लोगों के जीवन की रक्षा करना सरकार के लिए सर्वोपरि है. आतिशबाजी से निकलने वाला जहरीला धुआं कोरोना रोगियों के साथ-साथ दिल की बीमारियों और सांस लेने की समस्याओं से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक खतरा है. ऐसे में लोगों को दिवाली के दौरान आतिशबाजी से बचना चाहिए."
सीएम गहलोत ने आदेश को लेकर कहा, "पटाखों की बिक्री के लिए अस्थायी लाइसेंस पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं और आतिशबाजी पर भी रोक लगनी चाहिए."