नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर सियासत शुरू हो गई है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. गहलोत ने आरोप लगाया कि बीजेपी इस तरह के स्टेटमेंट्स से उस तनाव को पुनः भड़काना चाहती है, जिसे कोरोना से पहले देश ने देखा था.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू करने को लेकर स्टेटमेंट बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. कोरोना से पहले भी सीएए लागू करने को लेकर बीजेपी की हठधर्मिता के कारण मुल्क में बेहद तनाव बना हुआ था और कई हिस्सों में आग लगी हुई थी.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अब जबकि देश कोरोना महामारी की गंभीर चुनौती से जूझ रहा है, बीजेपी इस तरह के स्टेटमेंट्स से उस तनाव को पुनः भड़काना चाहती है, शांति और सद्भाव को बिगाड़ने के बजाय, प्राथमिकता देश के समक्ष मौजूदा कोरोना संकट का एकजुटता से मुकाबला करते हुए जीवन बचाने की होनी चाहिए.
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले जेपी नड्डा ने बयान दिया था कि लॉकडाउन के कारण सीएए लागू करने में देरी हुई, लेकिन अब इसे जल्द लागू किया जाएगा. जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो अपनी पार्टी टीएमसी के राजनीतिक हितों के लिए राज्य में 'फूट डालो और राज करो' की राजनीति कर रही है.
बता दें कि पिछले साल केंद्र सरकार की ओर से सीएए कानून लाया गया था, जिसके तहत अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को भारत की नागरिका दी जा सकेगी.