राजस्थान में बीजेपी की ओर से लगातार हो रही बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार किया है. अशोक गहलोत ने बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं पर नकारात्मक राजनीति का माहौल बनाने का आरोप लगाया है. दरअसल, नेता प्रतिपक्ष गुलाम चंद कटारिया ने कहा था कि 6 महीने में गहलोत सरकार गिर जाएगी. उसके बाद अब सीएम ने बीजेपी पर हमला बोला है.
मुख्यमंत्री की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया कि राज्य सरकार ने कोविड महामारी के दौर में न सिर्फ सभी राजनीतिक दलों बल्कि सामाजिक कार्यकर्ताओं, कर्मचारी संगठनों, सामाजिक संगठनों और धर्मगुरुओं को भी साथ लेकर काम किया है, लेकिन विपक्षी दल द्वारा की जा रही नकारात्मक राजनीति से जनता में विपक्ष के प्रति रोष का माहौल पैदा हुआ है.
बीजेपी के नेताओं के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि बीजेपी धनबल और बाहुबल के आधार पर राजस्थान की सरकार को अस्थिर करने के प्रयास कर रही है. बीजेपी ने पहले भी ऐसे प्रयास किए थे लेकिन कांग्रेस विधायकों की एकजुटता और प्रतिबद्धता के चलते इन्हें मुंह की खानी पड़ी थी.
सीएम ने कहा कि जुलाई में बीजेपी नेताओं के राजस्थान के विधायकों को प्रलोभन देते हुए ऑडियो टेप सार्वजनिक हुए थे. गुजरात में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए विधायक का वीडियो भी मीडिया में आ चुका है, जिसमें उस विधायक ने स्पष्ट तौर पर कहा कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आने के लिए उसे 10 करोड़ रुपये मिले. कर्नाटक, मध्य प्रदेश, गोवा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश में हॉर्स ट्रेडिंग के माध्यम से सरकार बनाने वाली बीजेपी को राजस्थान में मिली शिकस्त की अब भी कुंठा है.