देश की राजधानी दिल्ली सहित कई राज्यों में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. इन्हीं राज्यों में से एक राजस्थान भी है. यहां त्योहारी मौसम में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. कोरोना रोकथाम को लेकर गंभीर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों से बातचीत की है.
उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जीवन रक्षा को सर्वोपरि रख सेवाभाव के साथ उपचार दिया जाये. बता दें कि मुख्यमंत्री ने करीब ढाई घंटे तक वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की. उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों के साथ समन्वय करने के लिए प्रदेश में नोडल अधिकारियों को लगाया गया है. प्रदेश में कोविड रोगियों के उपचार के लिए 12 हजार से अधिक ऑक्सीजन बैड और 26 हजार ऑक्सीजन सिलेंडर प्रतिदिन आपूर्ति की क्षमता उपलब्ध है.
वर्तमान में करीब 12 हजार सिलेंडर्स की आवश्यकता है. निजी अस्पतालों को आगामी आशंकाओं को देखते हुए कोविड बैड़्स की संख्या को 30 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का निर्देश दिया गया है.
राजस्थान में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए गहलोत सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को 21 नवंबर से धारा-144 लागू करने की सलाह दी है, बता दें कि किसी भी जिले में धारा 144 लागू करने के लिए सबसे पहले जिला मजिस्ट्रेट द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया जाता है. जिसके बाद से उस इलाके में यह धारा प्रभावी हो जाती है, जिस भी इलाके में धारा 144 लागू की जाती है वहां 4 या फिर से उससे अधिक लोग इकट्ठा नहीं हो सकते हैं.