जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का असर राजस्थान के रेगिस्तान में भी दिखने लगा है. राजस्थान के माउंट आबू में बुधवार को नक्की झील जम गई. सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले, तो उनकी गाड़ियों पर बर्फ जम गए थे. घर के बाहर बाल्टी में रखे हुए पानी भी जमा हुआ था.
दिन का अधिकतम तापमान 18 डिग्री था, तो न्यूनतम तापमान 1 डिग्री पर पहुंच गया. राजस्थान में अमूमन दिसंबर के तीसरे सप्ताह में तापमान 1 डिग्री तक गिरता है, लेकिन इस बार हिमाचल और जम्मू कश्मीर में बर्फबारी की वजह से दिसंबर के दूसरे सप्ताह में कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो गई है.
बुधवार को दिनभर राजस्थान ठंड से ठिठुरता रहा जैसलमेर से लेकर श्रीगंगानगर तक और जयपुर से लेकर अजमेर तक न्यूनतम तापमान में करीब 10 डिग्री की गिरावट आई है. फलोदी और फतेहपुर में तापमान 5 डिग्री के नीचे रहा, जबकि माउंट आबू में तो नक्की झील ही जम गई जिसकी वजह से माउंट आबू घूमने आए पर्यटकों को खासी परेशानी हुई.
जगह-जगह पर लोग ठंड दूर करने के लिए अलाव जलाते दिखे. मौसम विभाग का कहना है जिस तरह से पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है. आगे आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आएगी. उधर जयपुर में आज दूसरे दिन घना कोहरा छाया रहा. सुबह की विजिबिलिटी 2 मीटर तक रही. मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक कोहरे का असर रहेगा. रेगिस्तानी इलाके जैसलमेर बाड़मेर और बीकानेर में भी बारिश की वजह से ठंड का प्रकोप बढ़ा है.
घने कोहरे की वजह से 2 दिनों में करीब 14 फ्लाइट को जयपुर एयरपोर्ट से डायवर्ट किया गया है, जबकि करीब 30 ट्रेनें 2 से लेकर 8 घंटे तक की देरी से चल रही हैं.