राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम का एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की एफआईआर में जबरन नाम जोड़े जाने पर एक बार फिर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है.
वसुंधरा राजे ने एफआईआर पर एतराज जताते हुए कहा कि राजस्थान में चार दशक के उनके राजनीतिक सफर में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, जब किसी राष्ट्रवादी संगठन पर अलोकतांत्रिक तरीके से प्रहार किया गया हो. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छवि को धूमिल करने का यह असफल प्रयास कांग्रेस को महंगा पड़ेगा.
पिछले दिनों जयपुर नगर निगम के 20 करोड़ रुपये के सीडी घूसकांड में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम पर एसीबी ने मुकदमा दर्ज कर लिया. मुकदमा दर्ज होने के बाद आरएसएस ने चुप्पी तोड़ी और संघ की तरफ से क्षेत्रीय कार्यवाह हनुमान सिंह राठौड़ ने वीडियो जारी कर संघ की छवि खराब करने का आरोप कांग्रेस पर लगाया था.
संघ की छवि खराब की जा रहीः क्षेत्रीय कार्यवाह
क्षेत्रीय कार्यवाह हनुमान सिंह राठौड़ ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए संघ की छवि खराब की जा रही है. 20 अप्रैल को निंबाराम से कंपनी के प्रतिनिधियों की मुलाकात और बातचीत सामान्य सामाजिक शिष्टाचार के नाते की थी.
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उन्होंने कहा कि निंबाराम से समाज के बहुत से लोग स्वाभाविक रूप से मिलने आते हैं. उनकी सामान्य शिष्टाचार भेंट को संघ में उनकी भूमिका से जोड़ना निंदनीय है. अलग-अलग समय और संदर्भ में की गई बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग कार उन्हें जोड़-तोड़ कार राजनीतिक कारणों से उसके अन्य अर्थ लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह तथ्यों से विपरित और सनसनी फैलाने के लिए जारी किए गए हैं.
आरएसएस के क्षेत्रीय कार्यवाह ने आगे कहा है कि एक जिम्मेदार नागरिक की तरह निंबाराम हर तरह की जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं. मगर राजनीतिक स्वार्थ के लिए तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, जो गलत है.