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NDA के सहयोगी हनुमान बेनीवाल बोले- काले कानून रद्द नहीं हुए तो फिर सोचना पड़ेगा

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन जारी है. इस बीच, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल ने चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने किसानों की मांगों पर केंद्र से विचार करने की मांग की है और कहा कि यदि अगर काले कानूनों को रद्द नहीं किया गया तो वे एनडीए को अपना सपोर्ट जारी रखने के बारे में विचार करेंगे.

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राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल
स्टोरी हाइलाइट्स
  • केंद्र के कृषि कानूनों का किया विरोध
  • किसानों की मांग का किया समर्थन
  • काले कानून वापस ले सरकार-बेनीवाल

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन जारी है. इस बीच, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल ने चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने किसानों की मांगों पर केंद्र से विचार करने की मांग की है और कहा कि यदि अगर काले कानूनों को रद्द नहीं किया गया तो वे एनडीए को अपना सपोर्ट जारी रखने के बारे में विचार करेंगे.   

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राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता हनुमान बेनीवाल ने कहा, 'मैंने केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध किया है और अमित शाह को एक पत्र लिखा है कि अगर काले कानूनों को रद्द नहीं किया जाता है, तो हम एनडीए को अपना समर्थन जारी रखने के बारे में सोचेंगे.'

वहीं हरियाणा में दादरी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने किसान आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान किया है. सोमबीर सांगवान ने राज्‍य पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने का बाद यह ऐलान किया. 

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सोमबीर सांगवान ने कहा, 'मैंने चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में हरियाणा पशुधन बोर्ड के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. मंगलवार सुबह 10 बजे, सांगवान खाप के सभी सदस्य दिल्ली के लिए रवाना होंगे और हम किसानों के विरोध-प्रदर्शन का समर्थन करेंगे.' हरियाणा सरकार के समर्थक सांगवान का यह ऐलान अहम माना जा रहा है.

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बता दें कि किसान आंदोलन के चलते सिंधु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर पूरी तरह बंद है. गाजियाबाद बॉर्डर पर भी भारी संख्या में किसान डेरा डाले हुए हैं. सिंधु बॉर्डर पर किसानों की तादाद दो से तीन हजार है. टिकरी बॉर्डर पर पंद्रह सौ किसान जमे हुए हैं जबकि दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर इनकी संख्या तकरीबन 1000 है. किसानों की संख्या घटती बढ़ती रहती है. 

बताया जा रहा है कि किसान अब दिल्ली के बाकी बॉर्डर को बंद करने की तैयारी में हैं. सूत्रों का कहना है कि राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर बॉर्डर को बंद करने को कहा गया है जबकि आगरा-मथुरा हाईवे को भी बंद किया जाएगा यानी दिल्ली पूरी तरह से सील करने की कोशिश होगी.

 

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