राजस्थान में इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवान और डायरेक्टर जनरल 100 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर निकलें हैं. इस पद यात्रा के जरिए देशभर में फिट इंडिया को लेकर विशेष संदेश देने की कोशिश की जा रही है.
पैदल यात्रा और स्पीड मार्च में हमेशा आगे रहे एसएस देसवाल पिछले लगभग 12 महीनों में ITBP के महानिदेशक के तौर पर एक दर्जन से ज्यादा लंबे रूट मार्च में शामिल हुए और जवानों का नेतृत्व किया है. ऐसे ही स्पीड मार्च के क्रम में 'मिशन 100' के तहत राजस्थान में देसवाल 21-22 फरवरी, 2020 को 100 किलोमीटर की दूरी 24 घंटे में पूरी करने जा रहे हैं.
18 हजार फीट की ऊंचाई पर कर चुके जवानों का नेतृत्व
हिमाचल प्रदेश के भृगु लेक, अमरनाथ यात्रा रूट, लिपुलेख पास, हिमाचल प्रदेश के सांगला वैली, मसूरी, औली तपोवन, गंगोत्री गौमुख तपोवन, धनुषकोडी, अलवर और बीकानेर, जोधपुर के बीच कई स्थानों और हिमालय में हाई एल्टीट्यूड कई इलाकों में 18 हजार फीट तक की ऊंचाइयों में डायरेक्टर जनरल का जवानों का नेतृत्व और फिटनेस का संदेश देना अपने आप में फिट इंडिया का बेहतरीन उदाहरण है.
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जवानों को देते हैं फिटनेस का संदेश
एसएस देसवाल 58 वर्ष के हैं, अपने साथ बल के मुख्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य कर्मियों को भी ट्रैकिंग और स्पीड मार्च में साथ रखते हैं. वह जवानों को हमेशा फिट बने रहने का संदेश देते हैं. पिछले साल उन्होंने स्वच्छता अभियान को भी बढ़ावा दिया था. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2019 के अवसर पर भी महानिदेशक 14,000 फीट की ऊंचाई पर पांगोंग त्सो झील पहुंचे थे और झील के किनारे योगाभ्यास किया था.
यह स्पीड मार्च क्यों है खास
बीकानेर जिले के मेहरासर से जोधपुर तक 100 किलोमीटर का रूट मार्च इसलिए विशेष है क्योंकि इसमें 25 किलोमीटर का रूट रेगिस्तानी और रेतीला है. लगभग 40 किलोमीटर की दूरी हार्ड मेटल रोड पर तय की गई. इस दूरी को लगभग 24 घंटों में पूरा किया जाएगा. आईटीबीपी के डीजी के मिशन 100 स्पीड मार्च से फिट इंडिया मूवमेंट और डेजर्ट टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा.
महानिदेशक 4 से 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते हैं. इससे न सिर्फ जवानों को प्रेरणा मिलती है, बल्कि उन्हें फिट रहने का संदेश भी मिलता है. महानिदेशक खुद इन ट्रैकिंग अभियानों को फ्लैग ऑफ करते हैं. कई बार कुछ इलाकों में जब सुबह 4:00 बजे का तापमान शून्य से नीचे भी होता है, वे कई इलाकों में खुद ही पहुंचकर स्पीड मार्च की शुरुआत करते हैं. इसके साथ ही फिनिशिंग पॉइंट तक पहुंचते हैं. इस दौरान प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले अधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत भी किया जाता है.