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मानवाधिकार आयोग ने पुलिस को नोटिस भेजकर पूछा- हेमा के साथ बच्ची को क्यों नहीं ले गए अस्पताल

सड़क हादसे में हेमा मालिनी के साथ मासूम बच्ची को वक्त पर इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले जाने का मामला और गरमाता दिख रहा है. अब राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने राज्य की पुलिस से इस बारे में जवाब तलब किया है.

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हादसे में जख्मी हेमा मालिनी
हादसे में जख्मी हेमा मालिनी

सड़क हादसे में हेमा मालिनी के साथ मासूम बच्ची को वक्त पर इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले जाने का मामला और गरमाता दिख रहा है. अब राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने राज्य की पुलिस से इस बारे में जवाब तलब किया है.

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राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने दौसा पुलिस से सवाल किया है कि बच्ची को हेमा मालिनी के साथ अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया? इसमें यह भी कहा गया है कि अगर उसे हेमा मालिनी के साथ ही इलाज के लिए ले जाया जाता, तो उसकी जान बच सकती थी.

हादसे में गई थी बच्ची की जान
गौरतलब है कि हेमा मालिनी जिस सड़क हादसे में जख्मी हो गई थीं, उसी हादसे में दूसरी कार में सवार 2 साल की बच्ची ने बाद में दम तोड़ दिया था. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि हेमा मालिनी को उनके रुतबे की वजह से खास तवज्जो दी गई, जब दूसरे घायल लोगों पर ध्यान नहीं दिया गया.

मासूम की मौत से दुखी: हेमामालिनी
हालांकि हेमा मालिनी पहले ही बच्ची की मौत पर दुख जता चुकी हैं. हेमा मालिनी ने एक बयान जारी कर कहा कि दुर्घटना में मासूम बच्ची की मौत से वह बेहद व्यथित और दुखी हैं. उन्होंने कहा, 'मुझे अहसास है कि जिस परिवार ने हादसे में अपनी बेटी खोई है, उस पर क्या बीत रही होगी. दुख की इस घड़ी में मैं दिवंगत की आत्मा को शांति व शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करती हूं.'

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