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जयपुर: हिंगोनिया गौशाला में एक दिन में रिकॉर्ड 85 गायों की मौत, महामारी फैलने का खतरा

तमाम कोशिशों के बावजूद जयपुर की सरकारी गौशाला में कई दिनों तक दलदल में फंसी भूखी-प्यासी 85 गायों को बचाया नही जा सका. डॉक्टरों-इंजीनियरों और अफसरों की भारी भरकम फौज की तैनाती के बावजूद रविवार को रिकॉर्ड संख्या में 85 गायें मरीं.

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11 को हिंगोनिया गौशाला का दौरा करेंगी CM वसुंधरा राजे
11 को हिंगोनिया गौशाला का दौरा करेंगी CM वसुंधरा राजे

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तमाम कोशिशों के बावजूद जयपुर की सरकारी गौशाला में कई दिनों तक दलदल में फंसी भूखी-प्यासी 85 गायों को बचाया नही जा सका. डॉक्टरों-इंजीनियरों और अफसरों की भारी भरकम फौज की तैनाती के बावजूद रविवार को रिकॉर्ड संख्या में 85 गायें मरीं. गौशाला के अधिकारियों की मानें तो अब तक के राजस्थान के गौशाला के इतिहास में एक दिन में इतनी गायें कभी नहीं मरीं.

हालांकि मुख्यमंत्री के अल्टीमेटम देने और 11 अगस्त के गौशाला के दौरे को देखते हुए गौशाला को चमकाने में कोई कसर नही छोड़ी जा रही है. शनिवार को राजस्थान सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों को काफिला गायों की सुध लेने जयपुर के हिंगोनिया गौशाला आया तो सबने दावा कि अब गायों के मौत का आंकड़ा घट जाएगा. लेकिन एक दिन बाद हीं यानी रविवार को ये आंकड़ा दोगना हो गया.

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गायों की मौत से महामारी फैलने की आशंका
एक दिन में इस गौशाला में गायों के मरने का आंकड़ा ऐतिहासिक बन गया. 85 गायें मरी जिनमें 78 गायें और सात बछड़े थे. अभी भी करीब 40 गायें और गंभीर अवस्था में है. डॉक्टरों का कहना है कि इतने दिनों तक दल-दल में भूखे-प्यासे रहने से इनकी स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि इन्हें बचाया नही जा सकता था. दो-तीन दिनों में सबको मरना ही था. इन सभी को गौशाला के पीछे ही गाड़ा जा रहा है. डॉक्टरों के अनुसार इतनी संख्या में गायों के मरने से महामारी की भी आशंका है जिसके लिए छिड़काव करवाया जा रहा है.

11 को हिंगोनिया गौशाला का दौरा करेंगी CM
इस बीच देर से जागी सरकार बड़े स्तर पर गौशाला के कायापलट करने में लगी है. तीन दिनों से छुट्टी के बावजूद अधिकारी-कर्मचारी लगे हुए है. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 11 अगस्त को हिंगोनिया गौशाला का दौरा करेंगी. इससे पहले चार दिनों का अल्टीमेटम दिया है कि सुधार नही दिखा तो किसी को नही बख्शूंगी.

गौशाला में 60 डॉक्टरों और नर्सों की टीम तैनात
पानी निकासी के लिए 17 इंजीनियरों की तैनाती गौशाला में की गई है. 60 डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ तैनात किए गए हैं. 16 जेसीबी मशीनें, 21 लोडर-डम्फर, 28 ट्रैक्टर और 14 लेवलर मशीनों लगाई गई हैं. साथ ही मौके पर राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख सचिव खुद कामकाज का जिम्मा संभाले हुए हैं.

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गायों के मौत के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रही कांग्रेस सोमावार जयपुर के कनौता थाने में राजस्थान सरकार के खिलाफ गौ-हत्या का मुकदमा दर्ज करवाएगी.

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