जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एनआईए) को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संस्थान को राष्ट्रीय माध्यम के लिए समर्पित करते हुए, वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संस्थान को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया. इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा और जयपुर शहर के सांसद रामचरण बोहरा भी उपस्थित थे.
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा कि ये राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान 175 साल पुराना है. हमारे लिए गर्व की बात इसलिए है कि इसे राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान का दर्जा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दिया था. और आज ये डीम्ड यूनिवर्सिटी बन गई है. मुझे लगता है कि आयुर्वेद में स्कोप है. उन्होंने आगे कहा कि 100 प्रतिशत शोध कार्य आगे बढ़ेंगे और उपचार की हमारी प्राचीन परंपरा बहुत प्रभावी तरीका है.
एनआईए के निदेशक प्रोफेसर संजीव शर्मा ने दावा किया कि संस्थान कोरोना वायरस महामारी से निपटने की दिशा में अनुसंधान कार्य करने में शामिल रहा. उन्होंने कहा हां राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान ने पहले ही कोरोना रोकथाम के संबंध में उच्च परियोजनाओं में योगदान दिया है.
प्रोफसर शर्मा ने कहा कि एक और महत्वपूर्ण बात जो मैं आपको बताना चाहता हूं कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान ने हाल ही में पोस्ट कोविड रिहैबिलिटेशन सेंटर शुरू किया है जो इनडोर और ऑउटडोर दोनों सेवाएं प्रदान करेगा. सेवाएं, योग, परामर्श और प्रयोगशाला सेवाएं जो हम पहले से ही प्रदान कर रहे हैं, वह आईसीएमआर से मान्यता प्राप्त हैं.