राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री औऱ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मंगलवार को जालोर के सुराणा गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की. इस दौरान करीब आधे घंटे परिवार के लोगों ने सचिन पायलट को पूरे घटनाक्रम से अवगत करवाया. मीडिया से बातचीत करते हुए सचिन पायलट ने अपनी ही सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि शव घर में पड़ा था और पुलिस प्रशासन ने लाठीचार्ज कर दिया. इस मामले में सरकार ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की.
पायलट ने अपनी ही सरकार से सवाल किया कि फिर कोई घटना होगी तब हम एक्शन लेंगे? इस सिस्टम को बदलना होगा. आजादी को 75 साल पूरे हो गए हैं. जिस तरह से जातिगत भेदभाव हो रहा है और यह घटना हुई है, वो कहीं ना कहीं बड़े सवाल खड़े करती है. पायलट ने चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार हमारी है, लेकिन आप और हम सभी का दायित्व बनता है कि परिवार को नयाय दिलाएं. सरकार को निजी स्कूल की मान्यता रद्द करके एक अच्छा संदेश देना चाहिए ताकि आमजन और सरकार में भरोसा कायम हो.
'परिवार पर लाठीचार्ज दुर्भाग्यपूर्ण'
उन्होंने कहा कि मृतक छात्र का परिवार खौफ में जी रहा है. जिस तरह के मासूम का शव दफनाने के दौरान पुलिस ने परिवार के लोगों पर लाठीचार्ज किया और उनके दामाद को डिटेन किया, यह दुर्भाग्यपूर्ण है. कम से कम इस मामले में तो सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए थी.
'मानसिकता को बदलना होगा'
कांग्रेस नेता ने कहा कि परिवार के लोग एडीएम समेत पुलिस अधिकारियों का नाम लेकर अपनी पीड़ा बयां कर रहे हैं. पायलट ने अपनी ही सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब तक कानून का भय नहीं रहेगा तो इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी. जातिगत भेदभाव वाली मानसिकता को हमें बदलना होगा ताकि सरकार और आमजन के बीच इस्तकबाल कायम रह सके.