
रेगिस्तानी राज्य राजस्थान के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं. नदियां उफान पर हैं तो वहीं दर्जनों गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से, जिला मुख्यालय से कट गया है. राजस्थान का कोटा भी बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है. कोटा में आई बाढ़ के कारण जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला कोटा से ही सांसद हैं.
कोटा में बाढ़ के कारण नुकसान की तस्वीरें लोकसभा स्पीकर और स्थानीय सांसद ओम बिड़ला ने देखीं. ओम बिड़ला शनिवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र कोटा पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया. ओम बिड़ला ने शनिवार को कोटा के खानपुर और सांगोद क्षेत्र में आई बाढ़ का हेलिकॉप्टर से सर्वे किया.
बाढ़ के कारण हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद लोकसभा स्पीकर ने कहा कि फसलों के साथ ही जान को भी नुकसान पहुंचा है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के गृह सचिव के साथ ही अन्य को भी बाढ़ के कारण हुए नुकसान का आकलन कराने के निर्देश दिए हैं. लोकसभा के अध्यक्ष ने कहा कि एनडीआरएफ की टीम इलाके में तैनात कर दी गई है.
संसदीय क्षेत्र कोटा के बाढ़ प्रभावित सांगोद क्षेत्र का आज हवाई सर्वेक्षण किया। अतिवृष्टि के कारण वहां जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, जिससे हालात चिंताजनक हैं। मैं प्रशासन से निरंतर संपर्क में हूं तथा आमजन तक सहायता पहुंचाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।#Rajasthan #Kota pic.twitter.com/ouIucCx48C
— Om Birla (@ombirlakota) August 7, 2021
इससे पहले अपने निर्वाचन क्षेत्र पहुंचे लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला एनटीपीसी अंता के हैलीपैड पहुंचे.ओम बिड़ला ने हेलिकॉप्टर से बाढ़ की तबाही का मंजर देखा और ये भी देखा कि भीषण बाढ़ की विपदा के कारण कितना नुकसान हुआ है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला हवाई सर्वेक्षण के बाद सड़क मार्ग से भी सांगोद गए. ओम बिड़ला सांगोद के गांव में पहुंचे और बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातकर उनकी समस्याएं भी सुनीं.
बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ने हालात पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि बाढ़ में फंसे लोगों की हर संभव सहायता की जाएगी. गौरतलब है कि कोटा में भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए. बाढ़ के हालात बने तो स्थिति बेकाबू होते देख सरकार ने सेना को भी अलर्ट कर दिया. अब लोकसभा स्पीकर ने भी अपने संसदीय क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया.
सुंदा गांव से रेस्क्यू किए गए 145 नागरिक
एनडीआरएफ के जवानों ने सुंदा गांव से 145 नागरिकों को रेस्क्यू किया. एनडीआरएफ की दो टीमों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया. सुंदा एक सीमावर्ती गांव है. यह गांव मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर स्थित है.