लव जिहाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) शासित राज्यों ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक समेत कई राज्य सरकारों ने लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने का ऐलान किया है. जिन राज्यों में बीजेपी की सत्ता नहीं है, वहां पर वो सरकारों से लव जिहाद पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं.
राजस्थान में बीजेपी ने लव जिहाद पर कानून बनाने की मांग की तो सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि लव जिहाद भाजपा द्वारा राष्ट्र को विभाजित करने और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए निर्मित एक शब्द है. शादी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है, इस पर अंकुश लगाने के लिए एक कानून लाना पूरी तरह से असंवैधानिक है.
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि लव में जिहाद का कोई स्थान नहीं है. वे राष्ट्र में एक ऐसा वातावरण बना रहे हैं, जहां सहमति के लिए एडल्ट राज्य की दया पर होंगे. विवाह एक व्यक्तिगत निर्णय है और वे उस पर अंकुश लगा रहे हैं, जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता को छीनने जैसा है. यह कानून कोर्ट में नहीं टिकेगा.
बीजेपी पर निशाना साधते हुए सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि यह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, उसे बाधित करने और राज्य जैसे संवैधानिक प्रावधानों की अवहेलना करने के लिए एक समझौता है, जो किसी भी आधार पर नागरिकों के साथ भेदभाव नहीं करता है.
सीएम अशोक गहलोत के बयान पर राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि यह बयान शर्मनाक है. भारत विश्व का पुरातन सनातन देश है, जहां विवाह एक नैसर्गिक संस्कार है, लव जिहाद इस्लामिक आतंकवाद का घोषित एजेंडा है,विश्वास नहीं होता वोट बैंक की राजनीति के लिए आप इतना गिर जाओगे, कांग्रेस की दुर्दशा से विचलित होकर मानसिक संतुलन यूं गड़बड़ होना स्वाभाविक ही है.
वहीं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, 'अशोक जी, लव जिहाद एक ऐसा जाल है, जिसमें हजारों युवतियों का मानना है कि शादी एक व्यक्तिगत मामला है, जहां बाद में पता चलता है कि यह नहीं है. साथ ही अगर यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात है, तो फिर महिलाएं अपने मायके का नाम या धर्म रखने के लिए स्वतंत्र क्यों नहीं हैं?'
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूछा, 'क्यों लड़कियों के परिवारों को भी दूसरे धर्म को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया जाता है? क्या धर्म व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात नहीं है? अशोक जी, चूंकि कांग्रेस व्यक्तिगत स्वतंत्रता की आड़ में छल के इस कृत्य का समर्थन करना चाहती है, क्या यह उसके सांप्रदायिक एजेंडे का एक कुंद प्रदर्शन नहीं है.'