ट्विटर के नए सीईओ (Twitter new CEO) का परिवार कभी किराए के मकान में गुजर-बसर करता था. अपनी मेहनत और मेधा के बल पर सफलता हासिल करने वाले पराग अग्रवाल (Parag Agrawal) ने पूरे देश का नाम रोशन कर दिया है.
पराग अग्रवाल के जन्म के समय उनका परिवार अजमेर में रहता था. अग्रवाल समाज के पूर्व अध्यक्ष शैलेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि अनुराग का बचपन यहीं बीता है. आज अनुराग ने पूरे देश को गर्व के पल दिए हैं.
सोशल मीडिया के सबसे बड़े प्लेटफार्म ट्विटर के नए सीईओ पराग अग्रवाल का राजस्थान के अजमेर से भी गहरा नाता रहा है. पराग का जन्म अजमेर में हुआ, उनका परिवार भी अजमेर में किराए के मकान में रहता था.
संघर्षों से निकल सफलताओं के शिखर पर पहुंचे पराग
ट्विटर के सीईओ बने पराग अग्रवाल का जन्म 21 मई 1984 को राजस्थान के अजमेर शहर में हुआ. वे सरकारी जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में जन्मे थे. पराग के पिता रामगोपाल अग्रवाल मुंबई में बीएमआरसी में कार्यरत थे. उनके दादा-दादी अजमेर के धान मंडी क्षेत्र में किराये के मकान में रहते थे. पराग अग्रवाल के बारे में जानने के लिए जब उनके पुराने घर पहुंचे तो सभी हतप्रभ रह गए.
पुराने मकान मालिक अविनाश गोयल ने कहा कि पराग के दादा-दादी और माता-पिता इस किराए के मकान में रहते थे. पड़ोस में रहने वाले लोगों ने कहा कि यहां पैदा हुआ बच्चा इतने बड़े पद पर पहुंच गया, यह खुशी की बात है.