राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने बिना परीक्षा विद्यार्थियों को क्रमोन्नत नहीं करने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इस एकेडमिक वर्ष में विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के क्रमोन्नत नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही गहलोत सरकार ने 'आओ घर में सीखें' नाम से नई पहल की शुरुआत भी की है जिसके तहत बच्चों से घर पर ही पढ़ने का आह्वान किया गया है.
राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, "कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के बीच विद्यार्थियों के अध्ययन में निरंतरता बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने 'आओ घर में सीखें' नाम से नई पहल शुरू की है." शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया कि कक्षा 1 से लेकर 9 तक और 11वीं के बच्चे घर पर ही पढ़ें, इस साल बिना परीक्षा के क्रमोन्नत नहीं किया जाएगा.
राजस्थान सरकार की ओर से इस संबंध में 17 नवंबर को एक आदेश जारी किया गया है. जिसके तहत यह साफ किया गया है कि प्रदेश में विद्यार्थियों के लिए स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक एवं कोचिंग संस्थान और नियमित कक्षा गतिविधियां 30 नवंबर तक शुरू नहीं होंगी.
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा एवं कई उच्च अधिकारी कोरोना महामारी के दौरान राजस्थान में विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को खोलने को लेकर कई बार मंथन कर चुके हैं. शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री गहलोत को स्कूलों को खोलने को लेकर तैयार एसओपी से भी अवगत करवाया.
बता दें कि राजस्थान में 8 महीने से ज्यादा समय से कोरोना वायरस महामारी की वजह से विद्यार्थियों का स्कूल जाना बंद पड़ा है.