राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा है कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए मंत्री परिषद की बैठक में चर्चा हुई है. बैठक में राज्य का नया कानून लाने या अन्य प्रावधान को लेकर विधि विशेषज्ञों और अफसरों से चर्चा की गई, ये चर्चा आगे भी जारी रहेगी.
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी की भावना के अनुरूप राजस्थान सरकार कदम उठाने जा रही है. पीसीसी में आयोजित प्रेस वार्ता में डोटासरा ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के लिए जो तीन कानून लेकर आई है यह किसानों को कमजोर करने की कोशिश है. मोदी सरकार अपने वादे से मुकर चुकी है. इन कानूनों के खिलाफ 2 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर कांग्रेस कार्यकर्ता धरना देंगे.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती को किसान मजदूर खेत बचाओ दिवस के तौर पर मनाएगी. 2 अक्टूबर से ही प्रदेश में किसानों के हस्ताक्षर अभियान का आगाज होगा. 14 नवंबर को दो करोड़ किसानों का हस्ताक्षर करवाकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा. डोटासरा ने कहा कि 10 अक्टूबर को जयपुर में कांग्रेस किसान सम्मेलन करवाने जा रही है. इसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कांग्रेस के मंत्री और सभी बड़े नेता मौजूद रहेंगे.
डोटासरा ने कहा है कि प्रदेश के 11 जिलों में धारा 144 लगी है लिहाजा जिला कलेक्टर से 100 लोगों के मिलने की अनुमति मांगी जाएगी. प्रदेश में कोरोना काल के चलते कांग्रेस जन जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है. 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस अभियान में सरकार के मंत्री, विधायक और कांग्रेस नेता घर घर जाकर लोगों को मॉस्क बांटेंगे. 2 अक्टूबर के दिन सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड भी जनता के बीच पेश करने जा रही है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में वर्चुअल तरीके से सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी. राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन और सरकार के मंत्री भी इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे.
निकाय चुनाव पर फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
राजस्थान में 31 अक्टूबर तक निकाय चुनाव करवाने के हाई कोर्ट के फैसले को राजस्थान सरकार अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कोरोना काल में निकाय चुनाव कराना मुनासिब नहीं है. इस बाबत हमने हाई कोर्ट से आग्रह किया था, लेकिन अब सरकार के स्तर पर सहमति बनी है कि हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी.