राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में टिकटों के बंटवारे पर विवाद को शांत करने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की बनाई कोर कमेटी के साथ सोमवार को जयपुर में बैठक की. बताया जा रहा है कि 29 अक्टूबर को वसुंधरा राजे उम्मीदवारों की एक लिस्ट लेकर अमित शाह के पास गई थीं. उस दौरान शाह ने इसी सूची को हरी झंडी देने से मना कर दिया था.
टिकट बंटवारे पर माथापच्ची
इस घटनाक्रम के अगले दिन राजस्थान के बड़े नेताओं की बनी कोर कमेटी के सदस्यों को फीडबैक लेने के लिए सभी संभागों में भेजा गया. इनकी ड्यूटी यह थी कि दो-तीन नामों का पैनल बनाएंगे जिस पर केंद्रीय चुनाव समिति विचार करेगी और तब उम्मीदवारों की सूची फाइनल होगी.
तब वसुंधरा राजे दिल्ली से सीधे झालावार चली गई थीं. वसुंधरा राजे ने अपनी सूची राजस्थान के सभी संभागों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी कर बनाई थी. लेकिन केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर एक बार फिर से नई सूची बनाई जा रही है.
बीजेपी कोर कमेटी में शामिल केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह, सांसद ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत एक दर्जन नेता पिछले 3 दिनों से राजस्थान के सभी संभागों में दौरा कर रहे थे और उसके बाद वह नामों का पैनल लेकर आए हैं. बताया जाता है कि वसुंधरा राजे खुद की सूची और पैनल के नामों का मिलान करेंगी. केंद्रीय नेतृत्व यह कोशिश करेगा कि दोनों ही सूची में जो नाम आएं उसी नाम को हरी झंडी दी जाए.
दिवाली के बाद बंटे टिकट
वसुंधरा राजे ने कहा, उनकी कोशिश है कि दिवाली के बाद टिकटों का ऐलान किया जाए ताकि जिन का टिकट कटे उनकी दिवाली खराब ना हो. उन्होंने कहा कि बीजेपी में टिकटों का ऐलान करने वाली वह खुद नहीं हैं. ऐसे में कब होगा और किस तारीख को होगा यह सब मिल बैठकर ही तय करेंगे.
एंटी इनकंबेंसी फैक्टर क्या बोलीं वसुंधरा
जिस तरह की खबरें आ रही थीं कि बीजेपी एंटी इनकंबेंसी के फैक्टर को कम करने के लिए करीब 100 मौजूदा विधायकों के टिकट काट सकती है उस सवाल पर वसुंधरा राजे ने कहा, अभी दोनों तरह की बातें चल रही हैं, एक तरफ कहा जा रहा है कि अगर ज्यादा टिकट काटे गए तो ज्यादा बागी खड़े हो सकते हैं. दूसरी तरफ कहा जा रहा है कि टिकट काटने पर फायदा होगा लेकिन एक बार पर्यवेक्षकों की राय आ जाए फिर तय करेंगे कि क्या करना है.
उन्होंने कहा कि इतना तय है कि मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाएंगे. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह सच है कि 2013 के विधानसभा चुनाव जैसी लहर नहीं है जहां हजारों हजारों की संख्या में लोग घंटों इंतजार किया करते थे लेकिन हम चुनाव जीत रहे हैं और हम सरकार बनाएंगे.