राजस्थान के बारां के जिला कलेक्टर इंद्र सिंह रॉव के खिलाफ कार्रवाई हुई है. उन्हें पद से हटा दिया गया है. इंद्र सिंह रॉव के निजी सहायक (पीए) महावीर नागर को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बुधवार को 1.40 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था. निजी सहायक के रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद अब इंद्र सिंह रॉव के खिलाफ एक्शन हुआ है.
एसीबी की कार्रवाई के बाद सरकार ने जिला कलक्टर इंद्र सिंह रॉव को एपीओ कर दिया है. इस मामले में उनसे से भी पूछताछ की जा रही है. एसीबी के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि परिवादी ने ब्यूरो में शिकायत दी थी कि उसके पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के एवज में जिला कलेक्टर के पीए महावीर नागर ने दो लाख 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है.
ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन करवाकर बुधवार को बारां में महावीर नागर को परिवादी से 1.40 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया.
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भगवान लाल सोनी के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने रिश्वत राशि में से एक लाख रुपये कलेक्टर बारां के लिए तथा 40 हजार रुपये स्वयं के लिए लेना स्वीकार किया.
एसीबी के एएसपी चंद्रशील ठाकुर ने इससे पहले कहा कि प्रारंभिक जांच में बारां कलेक्टर की भागीदारी मालूम पड़ी. लेकिन उन्होंने कोई सीधी मांग नहीं की थी. हम उनकी भूमिका की जांच कर रहे हैं.