scorecardresearch
 

राजस्थान: ADM खुद गाड़ी चलाकर ड्राइवर को छोड़ने पहुंचे घर, देखकर हर कोई हैरान

राजस्थान के बाड़मेर (Rajasthan Barmer) जिले में कलेक्ट्रेट के एक सरकारी ड्राइवर का रिटायरमेंट का दिन था. रिटायरमेंट के बाद ​जब विदाई समारोह हो गया तो ड्राइवर मदन दास घर जा रहे थे. उसी समय ADM ने कार का गेट खोला और मदन दास को बैठाया. एडीएम ने खुद कार चलाई और मदन दास को घर छोड़ने गए. यह नजारा देखकर लोग हैरान रह गए.

Advertisement
X
रिटायरमेंट के दिन ADM गाड़ी चलाकर ड्राइवर को छोड़ने पहुंचे घर.  (Photo: Video Grab)
रिटायरमेंट के दिन ADM गाड़ी चलाकर ड्राइवर को छोड़ने पहुंचे घर. (Photo: Video Grab)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ADM ने गाड़ी के गेट खोलकर अपनी सीट पर बैठाया
  • ड्राइवर मदन दास बोले: जिंदगी का सबसे बड़ा सम्मान

राजस्थान के बाड़मेर (Rajasthan Barmer) जिले में एक सरकारी ड्राइवर के रिटायरमेंट के दिन अतिरिक्त जिला कलेक्टर खुद ड्राइवर बन गए. एडीएम ने खुद गाड़ी चलाई और ड्राइवर को उनके घर तक छोड़ा. यह नजारा सब देखते रह गए. ड्राइवर ने कहा कि यह जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है. 

Advertisement

जानकारी के अुनसार, 40 साल तक बड़े बड़े अधिकारियों के लिए मदन दास ड्राइविंग करते रहे. आज रिटायरमेंट के दौरान जब विदाई समारोह के बाद घर जाने की बारी आई तो अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओपी बिश्नोई ड्राइवर बनकर मदन दास को अपनी सीट पर बैठाया और उन्हें घर पर छोड़ने गए. यह हर कोई देखता रह गया.

कलेक्ट्रेट का पूरा स्टाफ पहुंचा घर

40 साल तक बड़े बड़े अफसरों के लिए गेट खोल कर उन्हें बैठाकर खुद ड्राइविंग करना मदनलाल का पेशा था, लेकिन जब आज पूरा कलेक्ट्रेट मदनलाल को रिटायरमेंट की विदाई देने लगा तो आरएएस अधिकारी ओपी विश्नोई ड्राइवर मदन दास को उसकी सीट पर बैठाने के लिए गेट खोलने पहुंचे. उसके बाद गेट बंद किया. खुद ड्राइवर की सीट पर बैठकर उनके साथ पूरा स्टाफ मदन दास को घर छोड़ने पहुंचा तो मदन दास की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा.

Advertisement

परिवार के लोगों की खुशी का नहीं रहा ठिकाना

परिवार के लोग देखकर दंग रह गए कि साहब खुद ड्राइविंग करके मदन दास को छोड़ने आए हैं. सेवानिवृत्त ड्राइवर मदन दास के अनुसार, जब साहब ने सामने गेट खोला तो आंखें भर आईं, इससे बड़ा सम्मान मेरा कोई नहीं हो सकता है. मैं इस पल को पूरी जिंदगी याद रखूंगा.

'व्यवहार इतना अच्छा है कि मैं बन गया ड्राइवर'

अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओपी बिश्नोई के अनुसार, मदन दास 40 साल से अपनी सेवाएं दे रहे हैं. मुझे भी डेढ़ साल हो गया. मदन दास सुबह ड्यूटी से पहले 8 बजे घर पर आ जाते थे. परिवार की तरह रखते थे. इसीलिए जब आज उनकी विदाई हुई तो मैं उनके लिए ड्राइवर बन गया. इनका व्यवहार इतना अच्छा है कि मैं फिर से कोशिश करूंगा कि कॉन्ट्रेक्ट बेस पर अपनी सेवाएं हमें दें.

Advertisement
Advertisement