पाक विस्थापित परिवारों के लिए मंगलवार खुशियां लेकर आया. क्योंकि वैक्सीन को लेकर पाक विस्थापित परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहे थे. ऐसा दावा किया जा रहा है कि पाक विस्थापित परिवारों के लिए देश का यह पहला वैक्सीनेशन कैंप है जहां पर 45 प्लस के लोगों को पासपोर्ट के आधार पर टीका दिया जा रहा है. राजस्थान के बाड़मेर में मंगलवार से पाक विस्थापित परिवार वालों के लिए अलग तरीके से वैक्सीन देने की व्यवस्था की गई है.
टीकाकरण अभियान से पाक विस्थापित परिवार इसलिए वंचित थे क्योंकि उनके पास ना तो भारतीय नागरिकता थी ना ही आधार कार्ड और ना ही वोटर कार्ड लेकिन अब सरकार ने पासपोर्ट के आधार पर इनका टीकाकरण करने की बात कही है. इस फैसले ने इन परिवारों को संजीवनी दे दी है.
पाकिस्तान से आए 70 वर्षीय अभय सिंह बताते हैं कि महामारी में टीका पूरे परिवार को लग गया लेकिन मेरे पास नागरिकता नहीं थी. इसलिए मेरा टीकाकरण नहीं हो पाया था. सरकार ने पासपोर्ट के आधार पर टीकाकरण करवा कर हम लोगों को नई संजीवनी दे दी है. इसके लिए हम सरकार का शुक्रिया अदा करते हैं.
उन्होंने कहा मुझे आज टीका लगाकर बेहद अच्छा लग रहा है. इस दिन का इंतजार मैं कई दिनों से कर रहा था क्योंकि पिछले 3 महीनों से मैंने कई जगह जाकर टीका लगवाने की कोशिश की. लेकिन मेरे पास आधार कार्ड और वोटर कार्ड नहीं था. इस वजह से मुझे हर बार बैरंग लौटना पड़ा.
एक अन्य पाक विस्थापित मंगू राम भील बताते हैं कि हमारे आसपास सभी लोगों को टीके लग गए हैं. लेकिन मुझे नहीं लग पाया था क्योंकि मैं भारत का नागरिक नहीं हूं. आज सरकार और प्रशासन ने हमारे लिए अलग से व्यवस्था की है. मैं पासपोर्ट लेकर यहां आया हूं और मैंने अपना टीकाकरण करवाया है. मुझे बेहद खुशी है और इसके लिए सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं.
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पाक विस्थापित संघ के जिला अध्यक्ष नरपत सिंह धारवी बताते हैं कि हम लंबे समय से प्रशासन और सरकार से यह मांग कर रहे थे कि पाक विस्थापित परिवारों के लिए अलग से कैंप का आयोजन किया जाए. जहां पर पासपोर्ट और जिन लोगों को नागरिकता मिल गई है उनके लिए टीकाकरण किया जाए.
प्रशासन ने मंगलवार को हमारे लिए विशेष कैंप लगाया. यहां पर जिनके पास पासपोर्ट हैं उनका टीकाकरण किया जा रहा है. साथ में जिन लोगों ने भारतीय नागरिकता हाल ही में ली है, उनका भी टीकाकरण इसी कैंप में किया जा रहा है. यहां पर अभी 45 प्लस के लोगों को टीके लगाये जा रहे हैं.
कैंप के इंचार्ज स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कमलेश माली बताते हैं कि प्रशासन ने हमें विशेष दिशा निर्देश दिए हैं कि पाक विस्थापित परिवारों का पासपोर्ट के आधार पर टीकाकरण किया जाए. आमतौर पर हम लोग आधार कार्ड या वोटर कार्ड के आधार पर टीका लगाते हैं लेकिन यहां पर पासपोर्ट के आधार पर टीका लगा रहे हैं. पाक विस्थापित परिवारों में इस बात की बेहद खुशी है.
पाकिस्तान विस्थापित परिवारों को लेकर हाई कोर्ट ने सरकार को फटकार भी लगाई थी. जिसके बाद अब सरकार ने उन परिवारों की सुध ली है. सरकार के इस नए फैसले से पाक विस्थापित परिवारों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है.
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