राजस्थान के चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश के निजी अस्पतालों में कोविड और ब्लैक फंगस से संबंधित विभिन्न जांच की दरें निर्धारित कर दी गई हैं. उन्होंने बताया कि निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूलने वालों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं.
मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि ब्लैक फंगस के लिए अधिकृत अस्पतालों की संख्या को भी 20 से बढ़ाकर 24 कर दिया गया है. निर्धारित मापदंड पूरा करने वाले चार और अस्पतालों को ब्लैक फंगस के इलाज के लिए अधिकृत अस्पतालों की लिस्ट में शामिल किया गया है.
चिकित्सा विभाग के सचिव अखिल अरोड़ा ने इस संबंध में रविवार को विस्तार से अलग-अलग आदेश जारी किए हैं. कोविड-19 एवं ब्लैक फंगस की रोकथाम तथा इससे बचाव के लिए निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों एवं विषय विशेषज्ञों के साथ विचार विमर्श के बाद संबंधित जांच की दरें तय की गई हैं. उन्होंने बताया कि इन जांचों में सीबीसी से लेकर एमआरआई तक की विभिन्न जांच शामिल हैं.
ब्लैक फंगस के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए राजस्थान सरकार ने अधिकृत अस्पतालों की सूची में चार नाम और जोड़े हैं. पूर्व में सभी मापदंडों और प्रोटोकॉल का पालन करने वाले 20 अस्पतालों की सूची जारी की गई थी, अब इनमें मेडिकल कॉलेज, भरतपुर, पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उदयपुर, जीबीएच अमेरिकन हॉस्पिटल, उदयपुर, चिरायु हॉस्पिटल, जयपुर और अपेक्स हॉस्पिटल, जयपुर को भी शामिल कर लिया गया है. इन अस्पतालों को ब्लैक फंगस रोग के उपचार के लिए मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना से भी संबद्ध किया गया है.
हाल ही में गहलोत सरकार ने घोषणा की है कि राजस्थान में ब्लैक फंगस का इलाज 'चिरंजीवी योजना' के तहत मुफ्त किया जाएगा. ब्लैक फंगस के मरीजों को कोविड की तरह फ्री इलाज मिलेगा.