रिश्वतखोरों का कोई दीन-ईमान नहीं है. कोरोना काल में अपनी जान पर खेल कर लोगों को राशन पहुंचाने वाले कोरोना वॉरियर की मौत के बाद मुआवजे के लिए नाम लिस्ट में डालने के एवज में रिश्वत लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दफ्तर में क्लर्क को रंगे-हाथों गिरफ्तार किया गया है.
एंटी करप्शन ब्यूरो ने जयपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में काम करने वाले क्लर्क राकेश कुमार कट्टा को परिवादी से 4 हजार रुपये रिश्वत राशि लेते गिरफ्तार किया. राजस्थान सरकार ने राशन डीलर्स को कोरोना में राशन बांटने वालों को कोरोना वॉरियर्स मानते हुए मौत पर 50 हज़ार का मुआवजा देने की घोषणा की थी.
एसीबी की जयपुर देहात इकाई को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि उसके पिता की कोरोना वॉरियर (राशन डीलर) के रूप में हुई मृत्यु के मामले में मुआवजा दिलवाने के बदले राकेश कुमार द्वारा 4 हजार रुपये की रिश्वत राशि मांगकर परेशान किया जा रहा है, जिसपर एसीबी जयपुर देहात इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरोत्तम लाल वर्मा के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन किया गया.
इसके बाद एसीबी टीम द्वारा कार्रवाई करते हुए राकेश कुमार कट्टा कनिष्ठ लिपिक कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर प्रथम को परिवादी से 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया. एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम. एन. के निर्देशन में आरोपी के आवास एवं अन्य ठिकानों की एसीबी टीमों द्वारा तलाशी जारी है.