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राजस्थान: गहलोत सरकार का BRTS प्रोजेक्ट को खत्म करने का फैसला

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और निजी वाहनों की तुलना में गंतव्य तक जल्दी पहुंचने के लिए बीआरटीएस प्रोजेक्ट लाया गया था. लेकिन अब राजस्थान सरकार ने इसे खत्म करने का फैसला लिया है.

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो)

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  • राजस्थान सरकार का बीआरटीएस प्रोजेक्ट को खत्म करने का फैसला
  • सरकार के मुताबिक बीआरटीएस प्रोजेक्ट की वजह से हो रही दुर्घटनाएं
राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने बस रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) प्रोजेक्ट को खत्म करने का फैसला लिया है. गहलोत सरकार के मुताबिक बीआरटीएस प्रोजेक्ट की वजह से काफी दुर्घटनाएं हो रही थी. जिसकी वजह से इसको खत्म करने का फैसला लिया गया है.

राजस्थान के ट्रांसपोर्ट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, 'रूल्स सेफ्टी काउंसिल की बैठक में यह बात आई कि सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं जयपुर में बीआरटीएस के कारण हुई हैं. बीआरटीएस दुर्घटनाओं का कारण बन रही है. यातायात सिस्टम भी उसमें फेल हुआ है. रूल्स सेफ्टी काउंसिल में मैंने फिर घोषणा की कि बीआरटीएस सिस्टम को हटाने का समय आ गया है.'

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एक अनुमान के मुताबिक अब तक राजस्थान में बीआरटीएस प्रोजेक्ट पर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किया जा चुका है. इस पर खाचरियावास ने कहा, 'मेरे पास इसका आंकड़ा नहीं है कि बीआरटीएस प्रोजेक्ट पर अब तक कितना पैसा खर्च हो चुका है. इसे हटाने का अभी हमने फैसला लिया है. अब अगली बार उसमें यूडीएच मंत्री सब को कॉल करके बुलाएंगे क्योंकि दुर्घटनाएं बहुत हो रही हैं. वहीं सुप्रीम कोर्ट भी चाहता है कि दुर्घटनाएं रूके, इसके लिए एक कमेटी भी बनी है.'

बता दें कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और निजी वाहनों की तुलना में गंतव्य तक जल्दी पहुंचने के लिए बीआरटीएस प्रोजेक्ट लाया गया था. लेकिन अब राजस्थान सरकार ने इसे खत्म करने का फैसला लिया है.

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